Monday, May 9, 2016

समान वेतन मान के आदेश में होने वाली विसंगतियां मेरी नजर में ,कुछ आदेशों का विशलेषण भी :-सुरेश यादव रतलाम

          साथियों पुरे प्रदेश के अध्यापक साथियो में वेतन निर्धारण पत्रक जारी होने में विलम्ब को लेकर बड़ी  उहापोह  की स्थिति बनी हुई है।  सभी के मन में आशंकाओ कुशंकाओ के बादल उमड़ रहे है । आशंकाओं को बढ़ावा देने की एक वजह है केबिनेट में प्रस्तुत  नोटशीट  का लिक होना। उसे अभी फिर कुछ साथियो ने वायरल कर दिया है।  लेकिन यदि हम पिछले कुछ आदेशो का अध्ययन करें तो हमारी कई आशंकाओ का समाधान हो पायेगा।
          सर्वप्रथम हम 4 सितंबर 2013 में जारी अंतरिम राहत के आदेश की बात करते है, हम सभी का मानना  है की अंतरिम राहत के आदेश में ही  विसंगति थी ,सही भी है लेकिन विसंगति सिर्फ सहायक अध्यापक और वरिष्ठ अध्यापक को कम अंतरिम राहत प्रदान करने की थी  , और इसमें सुधार के लिए सभी साथी प्रयासरत भी थे  कोई शासन को पत्र लिख रहा था कोई न्यायालय के माध्यम से प्रयासरत था ।
          लेकिन इस आदेश की कुछ विशषताओं पर आप का ध्यान आकृष्ट  करना चाहूंगा । इस आदेश के बिंदु क्रमांक ( ब ) i और ii में  सपष्ट लिखा था की सेवा  की गणना 1 अप्रैल 2007 की स्थिति से 1 अगस्त 2013 की स्थिति में की जायेगी , इसमें 2007 से 2013 तक की अवधि को 8 वर्ष माना गया था अर्थात 2007 की स्थिति में 2 वर्ष की सेवा मानी गयी थी  और नविन वेतन मान  1 अगस्त 2013 से सेवा पुस्तिका  में दर्ज  किया जाता । 

 

   यही नहीं उसी आदेश के बिंदु क्रमांक (द)  i और ii  में वेतन मान और वेतन निर्धारण का फार्मूला भी लिखा गया था ,जिसमे साफ था  की  अंतरिम राहत की राशि को पहले ग्रेड पे में और बाद में मूल वेतन में सेवा की गणना कर के समायोजित  कर व्यवस्थित  कि जाएगी ।  साथियों 2013 के फार्मूला के अनुसार 2017 में वरिष्ठ अध्यापक को कुल 5400 से 7000 अंतरिम राहत मिलती और समायोजन पर  3800 से 5400 रूपये मूल वेतन में जुड़ते। अध्यापक को 8200 से 10400 अंतरिम राहत मिलती , समायोजन पर 4300 से 5700   रूपये मूल वेतन में जुड़ते। इसी प्रकार सहायक अध्यापक को 2800 से 4000  अंतरिम राहत मिलती  समायोजन पर  3700 से 5300  रूपये मूल वेतन में जुड़ते । 2017 मे अंतरिम राहत कम ज्यादा होती क्योकि आदेश में ही व्यवस्थित करने का लिखा गया था। 



      मेरी नजर में विसंगतियाँ निम्नानुसार है 

 ( 1 )  बन्धुओं  सितंबर 2013 से सहायक अध्यापक और वरिष्ठ अध्यापक को  कम अंतरिम राहत मिल रही थी इसमें सुधार के लिए सभी प्रयासरत भी थे इसी क्रम में  याचिका क्रमांक WP 2999/15 ,सुरेन्द्र कुमार पटेल विरुद्ध मध्य प्रदेश शासन एवं अन्य के पालन प्रतिवेदन के बिंदु क्रमांक 6.2 एवं 7 में लिखे गए जवाब के कारण यह स्थिति साफ हो गयी है की 1 सितंबर 2013 से 31 दिसंबर 15 तक सहायक अध्यापक और वरिष्ठ अध्यापक को अंतरिम राहत कम मिल रही थी ,वह अब नहीं मिलेगी क्रमश 48 हजार और 24 हजार रूपये जो राज्य शासन हमे दे सकता था  वह अब नहीं मिलेगा ।यह राशि प्रदान  की जाए। 




 (2)     इसी प्रकार 25 जनवरी 2016 को जारी आदेश और केबिनेट में प्रस्तुत संक्षेपिका का अध्ययन करने से सपष्ट होता है ,की नविन  वेतन निर्धारण सेवा पुस्तिका में 1 जनवरी 2016 से किया जाएगा , साथियों  कर्मचारीजगत में आज तक का इतिहास रहा है की जब भी अंतरिम राहत मिलती है ,नविन वेतनमान उसी तारीख से निर्धारित  जाता है ।परन्तु पहली बार सरकार अंतरिम राहत 1 सितंबर 13 में देने के बाद वेतन निर्धारण 1 जनवरी 2016 से  कर रही है।  सेवा पुस्तिका में वेतन निर्धारण 2013 से किया जाए।  


 (3)    सहायक अध्यापक का न्यूनतम वेतन 5200+2400  से और वरिष्ठ अध्यापक का न्यूनतम 9300+3600 होगा, 7440 और 10230 नहीं  होगा।  सरकार  हमारे साथ छल करने जा रही है ,क्योकि 20 अगस्त 2009 के आदेश से  यह सपष्ट  होता है की 2400 ग्रेड पे के साथ न्यूनतम वेतन 7440  और 3600 ग्रेड पे के साथ मूल वेतन 10230 ही गिना जाता है ,इसी आदेश के बिन्दु  क्रमांक 02 एवं 03  में सपष्ट है की यह आदेश 1 जनवरी 2006 और उसके पश्चात नियुक्त सभी कर्मचारियों के लिए लागू किया गया है।गणना  7440 और 10230 से की जाए 


 (4)      हम सभी 5200+2400 और 9300+3600 से गणना के  बारे में फिक्रमंद है और तब भी क्या हानि होने वाली है  इसे समझें ,लिक नोटशीट में लिखा है की क्रमोन्नति और पदोन्नति में  वेतन निर्धारण मूल भूत नियम अनुसार किया जायेगा। और इस प्रकार क्रमोन्नति प्राप्त सहायक अध्यापक 1998,1999,2001,2002 और 2003 को  सही गणना और विसगतिपूर्ण गणना पर क्रमश : 450 ,470 ,410 ,790 ,1160 की हानि , मूल वेतन में होगी। जबकि क्रमोन्नति नहीं मिलने पर 2240 की हानि  मूल वेतन में होना तय है। इसी प्रकार वरिष्ठ अध्यापक 1998,1999,2001,2002 और 2003 को  सही गणना और विसगतिपूर्ण गणना पर क्रमश : 1320 ,1320 ,1240 ,1250,1240  की हानि  मूल वेतन में होगी जबकि क्रमोन्नति नहीं मिलने पर 930  की हानि  मूल वेतन में होना तय है।  (इसके लिए तुलात्मक चार्ट बाद में भेजा जाएगा) ।  
      (5 )    लिक नोटशीट से सपष्ट है की  वेतन निर्धारण पत्रक सम्परीक्षा निधि कार्यालय जाएंगे  तो सभी का वेतन समान हो जाएगा । अभी कई साथियो के वेतन में भारी असमानता है की जो वेतन निर्धारण के बाद सामान हो जायेंगे और वसूली की जाएगी असमान वेतन के कुछ प्रकरण या कारण  मेरे समक्ष आये है वे इस प्रकार हैं :-

(A) परिवीक्षा अवधि की वेतन वृद्धि :- शासन उच्च न्यायालय के इस  निर्णय के खिलाफ सर्वोच्च न्यायलय तक गया,अंत में न्यायालय  ने 2007 में वेतन वृद्धि में कटौती का कहा लेकिन 1998 से 2007 तक वसूली  नहीं करने के आदेश दिए , 2007 से समान स्थिति  करने के आदेश दिए परन्तु कुछ साथि 2007 के पश्चात भी इस वेतन में इसका लाभ ले रहे है।

( B ) स्वयं के व्यय पर डीएड / बीएड :-  स्वयं के व्यय पर डीएड / बीएड करने पर  कई साथी वेतन वृद्धि प्राप्त कर रहे है जबकि शासन  ने इस मामले पर रोक लगा  दी है। 

( C ) 2001 से वेतनमान की गणना :- 2001 से वेतनमान की गणना इस मामले में भी कई जगह पर अध्यापक साथियो ने लाभ ले लिया है परन्तु शासन ने इस पर भी रोक लगा दी है ।

( D ) गुरूजी को 1998 से शिक्षा कर्मी के समान वेतन मान :- गुरूजी को 1998 से शिक्षा कर्मी के समान वेतनमान इस मामले में भी न्यायलय ने अभ्यवें का निराकरण करने का आदेश   दिया गया  था परन्तु कई साथी इसका लाभ ले  चुके है सरकार द्वारा अपील की जा चुकी है और भुगतान रोक दि गयी है ।

( E ) संविदा शिक्षक को 3 वर्ष की एक वेतन वृद्धि :-  संविदा शिक्षक को 3 वर्ष की एक वेतन वृद्धि देने को लेकर एक फर्जी आदेश भी जारी हुआ था जीस पर प्रकरण  दर्ज है ,कुछ साथी न्यायलय भी गए सरकार ने देने से इंकार किया है । 
( F ) संविदा शिक्षक को देर से प्रशिक्षण प्राप्त करने पर भी 3 वर्ष बाद से अध्यापक  संवर्ग का वेतन :- कई जिलो में  2006 व 2007  और उसके पश्चात  संविदा शाळा शिक्षकों को निर्धारित समय पश्चात प्रशिक्षण प्राप्त करने पर भी 3 वर्ष की सेवा उपरांत अध्यापक संवर्ग में सम्मिलित किया गया है ,जबकी यह आदेश सिर्फ वर्ष 2001 और 2003 में नियुक्त संविदा शिक्षकों के ही था की वे जुलाई 2011 तक प्रशिक्षण प्राप्त करते है तब भी उन्हें 1 अप्रैल 2007 से अध्यापक संवर्ग में माना  जाएगा और वेतन  प्रदान किया जाएगा । इस प्राकर की स्थिति उत्पन्न होने पर वसूली पर रोक लगाई जाए। 

           गणना पत्रक को ले  आप सभी की चिंताओं के बारे में , मेने अपनी  राय रखी  है , गणना पत्रक जारी करना न करना सरकार की जिम्मेदारी है । अध्यापक संगठनो की जिम्मेदारी उसके बाद प्रारंभ होगी। आदेश का विश्लेषण करे,यदि कमी हो तो सुधार कराये ।आप को जानकारी होगी  की 25 फरवरी 2016 को, 1 जनवरी 2016 से वेतनमान प्रदान करने का आदेश जारी कर दिया गया है ।आदेश में स्पष्ठ है की जनवरी से मार्च तक का एरियर वित्त वर्ष 2016-17 में कभी भी और अप्रैल  से नगद भुगतान किया जाएगा । इस से स्पष्ठ होता  है की अप्रैल के बाद जब भी वेतन मिलेगा  अंतर, नगद लाभ के रूप में  वेतन के साथ मिलेगा ।  

    विलम्ब की समस्त जिम्मेदारी सरकार की है।  हमारे साथी अन्य व्यक्ति या संगठनों को जिम्मेदार ठहरा रहे है क्या यह उचित है ? साथियो अब  गणना  पत्रक  आ भी  जाए तब भी हमें नया वेतन मिलने में निश्चित रूप से लम्बा समय लगने वाला है क्योंकि  केबिनेट की जो संक्षेपिका लिक हुई थी उसमे  उल्लेख था की अब वेतन निर्धारण पत्रक सम्परीक्षा निधि कार्यालय जाएंगे ।  इस पूरी प्रक्रिया में लम्बा समय भी लगना तय है क्योकि यह कार्यालय संभागीय मुख्यालय पर होता है ,और एक संभाग में कितने DDO है आप कल्पना कीजिये। साथियो इस लिए साथियो अपनी ऊर्जा को बचाएँ रखें असली लड़ाई तो गणना पत्रक जारी बाद  प्रारम्भ होगी ।
      

लेटलतीफी  कल्पना  से  भी परे   नजर  आ रही  है , आप भी इस अफसरशाही की गड़बड़ियों पर विचार कीजिये ,शिक्षा मंत्री से अफसर विधनसभा में गलत जानकारी दिलवाते है ,मंत्रियो के एक तिहाई पद सरकार के आधे कार्यकाल के बाद भी रिक्त है , गौरीशंकर शेजवार जैसे वरिष्ठ  मंत्री को मिडिया में कहना पड़ता है की अफसर मेरी नहीं सुनते , ऐसा कहने वाले विधायको और सांसदों की तो गिनती ही नहीं।  इस प्रकार की लेटलतीफी देख कर यह सपष्ट  होता है की माननीय  शिवराज सिंह चौहान शासन और प्रशासन पर  अपना नियंत्रण खो बैठें है।


 
सुरेश यादव ,कार्यकारी जिलाध्यक्ष राज्य अध्यापक संघ  जिला रतलाम ( यह लेखक  के निजी विचार है )


Sunday, May 8, 2016

परमार्थ निकेतन एवं गंगा एक्शन परिवार द्वारा आयोजित शिक्षा क्रान्ति महाकुम्भ संपन्न 

         ऋषि सांदीपनी  की तपोभूमि जँहा पर कभी श्री कृष्ण और सुदामा साथ - साथ गुरुकुल में अध्ययन करते थे ,उसी भूमि पर सत्ता ,धर्म,शिक्षा और आस्था का  संगम । क्या अद्भुत दृश्य था, संत समाज , प्रबुद्धजन , नेता गण ,और गुरु सब एक मंच पर और शिक्षा को बचाने ,सबको समान शिक्षा ,समान पाठ्यक्रम जैसे विषय पर चिंतन ।

           सिहस्थ उज्जैन में  परमार्थ  निकेतन एवं गंगा एक्शन परिवार द्वारा आयोजित शिक्षा क्रान्ति महाकुम्भ माननीय स्मृति ईरानी जी केंद्रीय मंत्री मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं माननीय श्री शिवराज सिंह जी चौहान मुख्यमंत्री जी की से व्यस्तता के चलते  माननीय थावरचंद जी गहलोत, केंद्रीय मंत्री सामाजिक न्याय एवं कल्याण विभाग, भारत सरकार ,स्वामी श्री अवधेशानंद जी गिरी महाराज, स्वामी चिदानंद जी महाराज परमार्थ निकेतन, स्वामी आध्यात्मानंद जी महाराज अहमदाबाद, सुश्री भागवती जी सरस्वती , माननीय श्री सुधीर जी गुप्ता सांसद मन्दसौर, माननीय श्री मुरलीधर जी पाटीदार, श्री जगदीश जी यादव प्रांताध्यक्ष , श्री दर्शन जी चौधरी महासचिव राज्य अध्यापक संघ की उपस्थिति में संपन्न हुआ जिसमे एक समान शिक्षा पद्धति लागू किये जाने हेतु विचार मंथन किया गया।            
         विदित रहे स्वामी चिदानंद जी महाराज परमार्थ निकेतन , ने जब उज्जैन में शिक्षा क्रांति यात्रा के सन्देश और उद्देश्य लिखे होर्डिंग  देखें ,उन्होंने प्रभावित होकर उज्जैन जिलाध्यक्ष श्री शेख मोहम्मंद हनीफ से सम्पर्क किया और वस्तुस्थीती जानी ,तत्पश्चात आप के द्वारा " शिक्षा क्रान्ति महाकुंभ " करवाने का निर्णय लिया गया। स्वामी जी ने इसके बाद प्रांताध्यक्ष  श्री जगदीश यादव से चर्चा कर उन्हें अपने विचार रखने हेतु आमंत्रित किया । स्वामी जी द्वारा पुरे सिंहस्थ के दौरान कई सामजिक और पर्यावरण विषयों पर इस प्रकार के समागम आयोजित किये जा रहे हैं।  शिक्षा क्रन्ति महाकुंभ के पहले राज्य अध्यापक संघ द्वारा पर्यावरण  बचाने का  सन्देश देती यात्रा भी निकाली गयी ।    





Saturday, May 7, 2016

2013 में नियुक्त संविदा शाला शिक्षकों के अध्यापक संवर्ग में संविलियन पश्चात नविन पेंशन योजना (NPS) में आवेदन करने के लिए आप की सहायता हेतु यह लेख पढ़ें

        2013 में नियुक्त संविदा शाला शिक्षकों के अध्यापक संवर्ग में संविलियन का समय नजदीक आरहा है। राज्य अध्यापक संघ नवनियुक्त संविदा शिक्षकों की सहायता और मार्गदर्शन के लिए पुरे प्रदेश में शिविर आयोजित कर के सहायता  प्रदान करेगा। इसी क्रम में हमने नविन पेंशन योजना (NPS) में  आवेदन करने के लिए आप की सहायता के लिए  यह ब्लॉग लिखा है। इसमें आप PRAN आवंटित करने और योजना में सम्मिलित होने के लिए आवेदन प्राप्त कर सकते है। साथ ही इस ब्लॉग में आवेदन पूर्ति के सामन्य निर्देश भी हैं। 

स्थाई नियुक्ति खाता संख्‍या (PRAN) हेतु आवेदन करने के लिए इन निर्देशों का  पालन करें 


ब्लॉग के अंत में की लिंक को ओपन कर के आप CSRF 1 आवेदन  और S 5 आवेदन भी  प्राप्त कर सकते है इस CSRF  1 आवेदन के बाद आप योजना में सम्मिलित हो  पाएंगे और S 5  आप के DDO के लिए कवरिंग लेटर का प्रारूप है । 

Permanent Recruitment Account Number (PRAN) पूर्ति के निर्देश


     1-
इस फार्म का प्रयोग स्थानीय निकायों यथा पंचायत/नगरीय निकाय द्वारा नियुक्त अध्यापक संवर्ग  के अध्यापक करेगें। 
     2- फार्म की पूर्ति काली स्याही (बाल पेन) एवं केपिटल लेटर्स में की जाए। 
     3- फार्म के प्रत्येक खाने में केवल एक अक्षर/संखया का उल्लेख किया जाए। प्रत्येक शब्द के बीच में एक खाली बाक्स छोड़ा जाए।
     4- फार्म में निर्धारित स्थान पर कलर फोटोग्राफ  ( 3.5cm x 2.5cm ) चस्पा किया जाए। फोटोग्राफ पर स्टेपल अथवा पीन का प्रयोग नहीं किया जाए। 
       फार्म में निर्धारित स्थान पर हस्ताक्षर/ अगूठे का निशान नहीं लगाया जाए। फोटोग्राफ पर हस्ताक्षर अथवा किसी भी प्रकार का मार्क होने पर उसे स्वीकार नहीं किया जायेगा। यथा स्थान हस्ताक्षर किया जाना अनिवार्य है।

हम फार्म की पूर्ति करने के निर्देश भी आप को भेज रहे हैं ,कृपया आप पड़ कर फ्दर्म की पूर्ति करे


 
 
CSRF 1 आवेदन PDF में प्राप्त करने के लिए इस लिंक को ओपन करें


   S 5 आवेदन PDF में प्राप्त करने के लिए इस लिंक को ओपन करें यह आप के DDO के लिए कवरिंग लेटर का काम करेगा

सुरेश यादव
कार्यकारी जिलाध्यक्ष
राज्य अध्यापक संघ  जिला रतलाम 


Friday, May 6, 2016

प्रांताध्यक्ष श्री जगदीश यादव के पत्र पर कार्यवाही , मानव संसाधन विकास मंत्री भारत सरकार से अनुकम्पा नियमों में सुधार हेतु अपर मुख्य सचिव स्कुल शिक्षा, मध्य प्रदेश शासन को पत्र लिखा

         राज्य अध्यापक संघ हमेशा  से अध्यापक संवर्ग  के  हितों के संरक्षण और अधिकार प्राप्ति हेतु  कार्य करता रहा है।
 विदित रहे :- शिक्षकों की भर्ती के  लिए
/1/ पात्रता परिक्षा में न्यूनतम अंक
/2/ अहर्ताकारी परीक्षा अर्थात 12 वि में न्यूनतम अंक
/3/  व्यवसायिक प्रशिक्षण की अनिवार्यता  ,की आवश्य्कता होती है। यह सब अनिवार्यता  शिक्षा का अधिकार अधिनियम के कारण तय की गयी है। यही अनिवार्यता अनुकम्पा भर्ती  में भी सम्मिलित की गयी है इस कारण संविदा शाळा शिक्षकों के रूप में अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों में कठिनाई आ रही है। 
     
      इसी क्रम में संगठन के प्रांताध्यक्ष श्री जगदीश यादव ने श्रीमती समृति ईरानी  मानव  संसाधन विकास मंत्री भारत सरकार से  अनुकम्पा नियमों में सुधार और सरलीकरण करने के का  आग्रह किया था। अनुकम्पा के प्रकरणों  पर त्वरित कार्यवाही हेतु , इन नियमों में शिथिलता  व कार्यवाही करने के लिए केंद्र सरकार ने अपर मुख्य सचिव स्कुल शिक्षा मध्य प्रदेश शासन को पत्र लिखा है। आशा है जल्द ही नियमों में सुधार हो 
पाएगा।




शिक्षकों के अर्जित अवकाश की पात्रता के सम्बन्ध में

शैक्षणिक संवर्गो को अवकाश पर रोकने के अधिकार में संशोधन

शिक्षण संस्‍थाओं/विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2016-17 हेतु अवकाश

स्‍कूल शिक्षा विभाग के अधीनस्‍थ प्रदेश की समस्‍त शिक्षण संस्‍थाओं/विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2016-17 हेतु अवकाश ।

आदेश को PDF में प्राप्त करने के लिए इस लिंक को ओपन करें

अध्यापक संवर्ग को शिक्षक संवर्ग के समान अवकाश की पात्रता अध्यापक भर्ती एवं सेवा की शर्तें नियम राजपत्र में उल्लेख 2008

अध्यापक भर्ती एवं सेवा की शर्तें नियम 2008  

अध्यापक संवर्ग को शिक्षक संवर्ग के समान अवकाश की पात्रता संबंधी राजपत्र में उल्लेख (पंचायत निकाय ) 2008 PDF में प्राप्त करने के लिए इस लिंक को ओपन करें 

अध्यापक संवर्ग को शिक्षक संवर्ग के समान अवकाश की पात्रता संबंधी राजपत्र में उल्लेख (नगरीय निकाय) 2008 PDF में प्राप्त करने के लिए इस लिंक को ओपन करें




संविदा शाळा शिक्षकों को मातृत्व एवं पितृत्व अवकाश की पात्रता सबंधी राजपत्र

संविदा शाला शिक्षक  भर्ती एवं सेवा की शर्तें नियम 2005 


संविदा शाळा शिक्षकों को मातृत्व एवं पितृत्व अवकाश की पात्रता सबंधी राजपत्र में उल्लेख (पंचायत निकाय ) 2005 PDF में प्राप्त करने के लिए इस लिंक को ओपन करें


संविदा शाळा शिक्षकों को मातृत्व एवं पितृत्व अवकाश की पात्रता सबंधी राजपत्र में उल्लेख (नगरीय निकाय) 2005 PDF में प्राप्त करने के लिए इस लिंक को ओपन करें 







संविदा शाळा शिक्षकों को 180 दिवस मातृत्व अवकाश की पात्रता सबंधी राजपत्र में संशोधन






 (नगरीय निकाय)



                                      (पंचायत निकाय )




संतान देखभाल अवकाश के संबंध में जारी सभी आदेश, राजपत्र ,स्प्ष्टीकरण

नविन पेंशन प्रणाली के आवेदनों में कीसी भी प्रकार की त्रुटि या कमी के लिए संकुल प्राचार्य की जिम्मेदारी तय की गयी है।

आयुक्त लोक शिक्षण ने सभी जिलों में प्राण किट (PRAN )  वितरण हेतु भेजी है इसके साथ ही  सी. एस. आर. एफ -1 (प्राण आवंटित करने हेतु नविन आवेदन) ,इस -5 (DDO  का कवरिंग लेटर) ,एवं अंतिम भुगतान के आवेदन चेक लिस्ट अनुसार भेजने के निर्देश सभी जिला शिक्षा अधिकारी को दिया है।  आवेदनों में कीसी भी प्रकार की त्रुटि या कमी के लिए संकुल प्राचार्य की जिम्मेदारी तय की गयी है।

आदेश PDF में प्राप्त करने के लिए यंह लिंक ओपन करें




लोक शिक्षण संचलनालय का आदेश अध्यापक संवर्ग को शिक्षक संवर्ग के समान अवकाश की पात्रता है दिनाक 17/05/2010

लोक शिक्षण संचलनालय का आदेश अध्यापक संवर्ग को शिक्षक संवर्ग के समान अवकाश की पात्रता है दिनाक 17/05/2010 


संतान देखभाल अवकाश का लोक शिक्षण संचलनालय द्वारा पृष्ठांकन दिनाक 17/12/2015


संतान देखभाल अवकाश का लोक शिक्षण संचलनालय द्वारा पृष्ठांकन दिनाक 17/12/2015 


PDF में आदेश प्राप्त करने के लिए यह लिंक ओपन करें



अध्यापक संवर्ग को शिक्षक संवर्ग के समान सभी अवकाश की पात्रता है मार्गदर्शन दिनांक 21/10/2011

अध्यापक संवर्ग को शिक्षक संवर्ग के समान  सभी अवकाश की पात्रता  है लोक शिक्षण संचलनालय द्वारा प्रसूति अवकाश के संबंध में दिया गया मार्गदर्शन दिनांक 21/10/2011
आदेश PDF में प्राप्त करने के लिए यंह लिंक ओपन करें




संविदा शाला शिक्षकों को मातृत्व और पितृत्व अवकाश शासन का पत्र दिनांक 14/11/2006


संविदा शाला शिक्षकों को मातृत्व और पितृत्व अवकाश दिए जाने के संबंध में स्कुल शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश शासन का पत्र दिनांक 14/11/2006
आदेश PDF में प्राप्त करने के लिए यंह लिंक ओपन करें

Thursday, May 5, 2016

सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत अध्यापकों के अंशदान को जमा करने विषयक 10/02/2015

सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत अध्यापकों  (APC /BRCC /BGC /BAC /CAC ) के  NPS कटोत्रा  तो  हो गया है ,परन्तु  प्रतिनियुक्ति अवधि में एक बार भी  जमा नहीं हुआ है। उसकी जानकारी भेजने  के लिए राज्य शिक्षा केंन्द्र  ने जानकारी मंगवाई थी जिस  भी साथी के साथ  समस्या आई है वह अंशदान को जमा कर वाने के लिए जानकारी भिजवाए इस विषयक आदेश 10/फरवरी/2015 को जारी हुआ था। 


आदेश PDF में प्राप्त करने के किये यँहा क्लिक करें

Wednesday, May 4, 2016

अध्यापको को विचार करना चाहिए. कहां से चले थे.....कहां है..... और आगे कहां जा रहे है :- रिज़वान खान

           आज अध्यापको को कुछ बातो पर विचार करना चाहिए. हम कहां से चले थे.....कहां है..... और आगे कहां जा रहे है. देश का अनुभव है की एक राजनैतिक दल के तथाकथित परिवारवाद का विरोध करते करते सारे राजनैतिक दल कब स्वयं परिवारवाद में आकण्ठ डूब गए पता ही नही चला. कही हम भी कालचक्र की उसी परिघटना की पुनरावृत्ति करते तो नही दिख पड़ रहे है.
                 सोशल मीडिया पर तलवारे खिंची हुई है तर्क वितर्क कुतर्क से बात कही आगे बढ़कर व्यक्तिगत टिप्पणियॉ को पार कर इस आभासी दुनिया के बाहर हिसाब किताब कर लेने आतुर दिख पड़ती है. ऐसे वातावरण में जब स्वतन्त्र स्वर नक्कारखाने की तूती बन अपनी इज्जत बचाने के लिए जद्दोजहद करने लगते है .......नई उमर की कच्ची तरुणाई अपने पिता की आयु के वरिष्ठों को जुतियाने लतियाने को लालायित नजर आती है ........पशुओ और उनकी भाव भंगिमाओं पर आधारित भाषा उपमा और अलंकार के सहारे नये तरह का व्याकरण रचा जा रहा है तब भी कुछ सार्थक होने की आशा करना अपने मन को समझाने के सिवा कुछ नही है. राष्ट्रपिता ने कहा था की अनुचित साधन के द्वारा प्राप्त किया गया साध्य राष्ट्र की आत्मा को सन्तुष्ट नही कर सकता. अपने इन क्रिया कलापो के बाद यदि हम विसंगति रहित वेतन पाने में सफल हो भी गए तो क्या स्वयं से नजरे मिला पाएंगे.
           बन्धुओ हम सब गलतियों के पुतले है कोई परिपूर्ण नही है. एक दूसरे को समझाते बुझाते ही जीवन यात्रा करनी है. आमतौर पर कटु शब्दों का प्रयोग नही करता किन्तु विगत दिनों के वातावरण से किंचित मै भी प्रभावित हो गया. कुछ गलत लिख दिया हो तो क्षमा करे। 

           पुनश्च:-  राजनीति निर्मम होंते होते कब हमसे मानवीय मूल्यों के विपरीत आचरण करवा लेती है हमे पता ही नही चलता.

         रिज़वान खान लेखक बैतूल जिले  में खेल अनुदेशक (अध्यापक )  है, यह लेखक के निजी विचार है ,


राज्य अध्यापक संघ जिला शाखा मण्डला अध्यक्ष डी.के.सिंगौर ने अशंदायी पेंशन को लेकर माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में याचिका दायर की

मंडला। स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत अध्यापकों का 15 माह से और आजाकवि में कार्यरत अध्यापकों का 13 माह से अशंदायी पेंशन की अंशदान राशि NSDL में जमा नहीं हुई है। शिक्षा विभाग में जनवरी 2015 तक का और आजाक विभाग में मार्च 2015 तक का ही अंशदान जमा हुआ है जबकि अध्यापकों के खाते से प्रतिमाह अंशदान की राशि काटी गई है। 

विलम्ब से राशि जमा करने का मामला अभी का नहीं बल्कि जब से यह योजना लागू हुई है ऐसे ही विलम्ब से राशि जमा हुई है। इसके विपरीत राज्य शासन के कर्मचारियों को लागू इसी योजना का अंशदान कोषालय द्वारा दो दिन के अंदर जमा कर दिया जाता है यदि अधिकत्तम विलम्ब हुआ तो 15 दिन के अंदर हर हाल में राशि जमा हो जाती हैं। राज्य शासन के कर्मचारियों की कटौती कोषालय के द्वारा की जाती है जबकि अध्यापकों द्वारा कोषालय में वेतन की 90 प्रतिशत राशि के देयक लगाये जाते हैं नोडल अधिकारी आयुक्त आदिवासी विकास और आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा 20 प्रतिशत राशि पोर्टल की रिपोर्ट के आधार पर एनएसडीएल में जमा कराई जाती है। यह राशि सामान्यतः 6 महीने के बाद ही जमा होती है वर्तमान में 15 महीने से जमा नहीं की गई है।

अब हाईकोर्ट में याचिका

राज्य अध्यापक संघ के जिला शाखा मण्डला अध्यक्ष डी.के.सिंगौर ने माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में इस मामले को लेकर याचिका दायर कर दी है राज्य अध्यापक संघ ने याचिका में कहा है कि अध्यापक और शासन दोनों का 10-10 प्रतिशत अंशदान विभाग प्रतिमाह नियमित रूप से जमा करे और विलम्ब होने की स्थिति में अंशदायी पेंशन योजना में लागू ब्याज की दर से ब्याज सहित राशि जमा करे।
अब तक जमा की गई राशि में भी जो विलम्ब हुआ है उसका भी ब्याज जमा करे। संघ ने मामला न्यायालय में ले जाने से पूर्व शासन और विभाग को चेता दिया था। दायर याचिका में सचिव म.प्र.शासन स्कूल शिक्षा विभाग, सचिव मप्र.शासन वित्त विभाग,आयुक्त आदिवासी विकास, आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय,एन.एस.डी.एल. और कलेक्टर मण्डला को प्रतिवादी बनाया गया है।

कैसें हो रहा है नुकसान

उल्लेखनीय है कि एनएसडीएल में जमा अंशदान राशि का 85 प्रतिशत यूटीआई,एसबीआई लाइफ और एलआईसी को केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित ब्याज दर से राशि उधार में दी जाती है और 15 प्रतिशत राशि शेयर बाजार में निवेश की जाति है। स्पष्ट है कि राशि जितने विलम्ब से जमा होगी अध्यापकों को उतना ही अधिक ब्याज का नुकसान होगा और शेयर बाजार में निवेश भी विलम्ब से होगा। यदि इसी प्रकार 12-15 महीने विलम्ब से अंशदान की राशि जमा होती रहेगी तो अध्यापकों को रिटायरमेंट में लाखों का नुकसान होगा और यह क्षति 40 प्रतिशत तक होगी।एरियर्स मिलने पर भी नुकसानसंघ ने अंशदायी पेंशन की राशि जमा होने में एक और गड़बड़ी उजागर की है अध्यापकों के पिछले माहों का वेतन एरियर्स जो कि  वेतन पुनरीक्षण डी.ए. में वृद्वि आदि के कारण बनता है उस राशि के अंशदान जमा का लाभ अध्यापकों को नहीं मिलता है क्योंकि अध्यापकों के वेतन देयक एज्यूकेशन पोर्टल से जनरेट होते हैं और पोर्टल पर एरियर्स देयक तैयार करने की कोई सुविधा नहीं है।

Monday, May 2, 2016

8 माह बाद अंतरिम राहत के आदेश जारी ,जिम्मेदार कौन ? :- सुरेश यादव

        30 अप्रैल 2016 को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने अध्यापक संवर्ग को अंतरिम राहत की तीसरी किश्त का आदेश जारी  कर दिया है । लेट लतीफी की पराकाष्ठा  देखिये  वित्त विभाग द्वारा आदेश जारी  करने की  सहमती  दिनांक 04 जनवरी 2016 को ही दे दी गयी थी। परन्तु वित्त विभाग से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तक का सफर तय करने  में इस नोटशीट को 118 दिन का समय लगा  और 1 सितंबर 2015 जब से मिलना था आदेश उसके 8 महीने बाद निकला । 04 जनवरी 2016  की तारीख आप को याद आ रही है या नहीं मुझे अवश्य याद है 04 जनवरी 2016 को अध्यापकों को 6 टे वेतन मान के प्रस्ताव को केबिनेट में लाने के लिए अंतिम रूप दिया गया था और 5 जनवरी को प्रस्ताव  केबीनेट में आया था । साथियो अध्यापक संगठन अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करें या इस प्रकार की लेटलतीफी को भी दूर करवाएं ,आखिर आदेश करवाना संगठनों की जिम्मेदारी थोड़े ही है ।
           यह सब  कल्पना  से  भी परे   नजर  आ रहा  है , आप भी इस अफसरशाही की गड़बड़ियों पर विचार कीजिये ,शिक्षा मंत्री से अफसर विधनसभा में गलत जानकारी दिलवाते है ,मंत्रियो के एक तिहाई पद सरकार के आधे कार्यकाल के बाद भी रिक्त है , गौरीशंकर शेजवार जैसे वरिष्ठ  मंत्री को मिडिया में कहना पड़ता है की अफसर मेरी नहीं सुनते , ऐसा कहने वाले विधायको और सांसदों की तो गिनती ही नहीं।  इस प्रकार की लेटलतीफी देख कर यह सपष्ट  होता है की माननीय  शिवराज सिंह चौहान शासन और प्रशासन पर  अपना नियंत्रण खो बैठें है।
 सुरेश यादव ( 
यह लेखक  के निजी विचार है )



सोहागपुर ब्लॉक के सहयक अध्यापक श्री बृजमोहन साहू ने अपना वेतन कम करवाने की मांग की

  राज्य अध्यापक संघ के  तत्वाधान एवं शिक्षा विभाग के मार्गदर्शन में   आयोजित अध्यापक समस्या निवारण शिविर में ,सोहागपुर ब्लॉक के सहयक अध्यापक श्री बृजमोहन साहू ने अपना वेतन कम करवाने की मांग की ,पूरा ममला जानने के लिए समाचार को पढ़े।  


Sunday, May 1, 2016

"शिक्षा क्रान्ति महाकुम्भ" लोकसभा सत्र के चलते अब 07 मई 2016 को आयोजित होगा।

राज्य अध्यापक संघ मध्यप्रदेश की "शिक्षा क्रान्ति यात्रा" से प्रभावित् होकर परमार्थ निकेतन एवं गंगा एक्शन परिवार के  द्वारा 05 मई 2016 को  आयोजित "शिक्षा क्रान्ति महाकुम्भ" लोकसभा सत्र के चलते माननीय श्रीमती स्मृति ईरानी जी केंद्रीय मंत्री मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 7 मई 2016 को समय प्रदान किये जाने की  स्वीकृत प्राप्त होने से अब 07 मई 2016 को आयोजित होगा।

               "आमंत्रित परम पूज्य संत एवं अतिथि "
        परम पूज्य स्वामी अवधेशानंद जी महाराज
            परम पूज्य सत्य मित्रानंद जी महाराज
          पूर्व शंकराचार्य, भारत माता मंदिर हरिद्वार
            माननीय श्रीमती स्मृति ईरानी जी
         केंद्रीय मंत्री, मानव संसाधन विकास मंत्रालय
                   भारत सरकार, नई दिल्ली
            माननीय श्री शिवराज सिंह जी चौहान
                मुख्यमंत्री , म.प्र. शासन भोपाल
                   
                    दिनांक - 07 मई  2016
                 स्थान-  सिंहस्थ महाकुम्भ
                  राम राज्य गौशाला के पीछे
                      बड़नगर रोड उज्जैन
         समय - प्रातः 11 बजे से शाम 5 बजे तक
             
                 कार्यक्रम के प्रमुख सूत्रधार
                 आचार्य डॉ. देवेंद्र जी शास्त्री
            सम्मानीय श्री गजराज जी सिसोदिया
                             
                    विशेष आमंत्रित सदस्य
                        श्री जगदीश यादव
               प्रांताध्यक्ष, राज्य अध्यापक संघ म.प्र
                       श्री दर्शन जी चौधरी
         प्रांतीय महासचिव, राज्य अध्यापक संघ म.प्र.
                       
"शिक्षा क्रान्ति महाकुम्भ "उपरोक्त  संत एवं माननीय अतिथियों की गरिमामय उपस्थिति में संपन्न होने जा रहा है। उक्त कार्यक्रम में पूरे दिन शिक्षा को लेकर देश के प्रमुख शिक्षाविदों एवं राज्य अध्यापक संघ के प्रांताध्यक्ष श्री जगदीश जी यादव, प्रांतीय महासचिव श्री दर्शन जी चौधरी सहित संघ के प्रमुख प्रदेश पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया है ।
                       
इसी दौरान राज्य अध्यापक संघ म.प्र. द्वारा अध्यापक संवर्ग की प्रमुख समस्याओं सहित अनुकम्पा नियुक्ति में डी. एड./बी.एड.की शिथिलता संबंधी प्रावधान  एवं नियमित कर्मचारियों के समान पेंशन प्रदाय किये जाने की मांग करते,  समस्याएं यथाशीघ्र निराकृत किये जाने हेतु मांग की जायेगी। इसके पूर्व भी प्रांताध्यक्ष श्री जगदीश यादव द्वारा अनुकम्पा नियुक्ति एवं पेंशन के सम्बन्ध में पत्र प्रेषित करते हुए माननीय केंद्रीय मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी जी से निवेदन कर प्रयास किये गए हैं।
                 
 प्रांताध्यक्ष श्री जगदीश यादव एवं समस्त प्रदेश कार्यकारिणीे रा.अ.सं. म.प्र. ने प्रदेश के समस्त अध्यापक, संविदा शिक्षक व गुरूजी भाई बहिनों का आहवान करते हुए "शिक्षा क्रान्ति महाकुम्भ" में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थिति प्रदान कर अपनी मांगों के निराकरण में सहभागिता के साथ कार्यक्रम को सफल बनाने एवं महाकुम्भ में धार्मिक संत समागम का पुण्य लाभ प्राप्त करने की अपील की है।


राज्य अध्यापक संघ होशंगाबाद की अनुरकरणीय पहल

राज्य अध्यापक संघ होशंगाबाद की अनुरकरणीय  पहल-                                

राज्य अध्यापक संघ के प्रांतीय सचिव श्री गजेन्द्र बछले व जिला   कार्यकारिणी होशंगाबाद  के साथी श्री अमित गौर, पदम सिह मुजालदा, श्याम सिह भदौरिया  और संकुल प्राचार्य एल एल माछीवाल व् लेखापाल श्री अशोक तिवारी की अनुकरणीय पहल पर जिले के बाबई ब्लाक के सांगाखेड़ा कला संकुल मे पदस्थ श्री ओमप्रकाश विश्वकर्मा संविदा शाला शिक्षक वर्ग 03 की माता जी का ऐक्सीडेंट होने पर जवलपुर में इलाज हेतु आर्थिक समस्या के चलते हास्पिटल से रिलीविंग नही होने की समस्या के चलते संकुल के समस्त स्टाफ ने पारिवारिक  भाव रखते हुऐ 34000 चौतीस हजार रूपये की आर्थिक सहायता प्रदाय की।               
राज्य अध्यापक संघ होशंगाबाद के समस्त साथियों सहित संकुल सांगाखेड़ा के समस्त शैक्षणिक स्टाफ द्वारा किये गए इस सराहनीय प्रयास एवं अनुकरणीय पहल हेतु राज्य अध्यापक संघ परिवार म.प्र. सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं  प्रेषित करता है।।    
                            प्रांतीय सचिव श्री गजेन्द्र बछले 

नविन पेंशन प्रणाली, होते हुए भी खाली हाथ सेवानिवृत्त होते अध्यापक

दुखी करती तस्वीर
 


        मझोली जबलपुर में  प्राथमिक शाला हरदुआ की सहायक अध्यापक प्रेमवती सोनी  सेवानिवृत्त हो गई । विभागीय त्रुटि से आज तक प्रान नंबर जारी न होने से एक रु की भी कटौती नहीं हो पाई थी । संकुल रानीताल के अध्यापको ने प्रण किया कि मैडम को ख़ाली हाथ न जाने देंगे।
हमे  गर्व है अपने समस्त साथियों पर जिन्होंने अनुकरणीय उदाहरण प्रदेश के सामने रखा।
        परन्तु विभागीय त्रुटि से ज्यादा विभागीय अधिकारियों की लापरवाही ही कही जायेगी  विभाग के जिन लोगो कि  त्रुटी के कारण बिना सी. पी. एफ. के श्रीमती सोनी मैडम को सेवानिव्रत होना पडा उनके विरुध कार्यवाही के लिये एक डीईओ और जिलाधीश को ज्ञापन दिया जाना चाहिए और अध्यपको की नुमायनद्गी करने वाले स्थानीय नेताओं  को भी अपने कार्यो की समीक्षा करनी चाहिए  की उनके रहते कीसी अध्यापक को इस तरह से सेवानिव्रत होना पड़ रहा है ? आखिर 2011 से अब तक आज 60 माह का कटोत्रा और सरकार का अंशदान तो अवश्य मिलता ऐसे साथियो को। 

      वैसे हम सभी जानते है की ,की 1998 के भर्ती नियम में  पेंशन और बिमा के कोई नियम नहीं थे,और आज के समय सेवानिवृत्त होने वाले साथी तत्कालीन समय में  40 से 45 वर्ष की आयु के दौरान सेवा में आये होंगे। परन्तु हमे जब आज के समय में यह सुविधा मिलने लगी है उसका लाभ अवश्य लेवे  और पदाधिकारी अधिक से अधिक साथियो की सहायता करें। 

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Monday, May 9, 2016

समान वेतन मान के आदेश में होने वाली विसंगतियां मेरी नजर में ,कुछ आदेशों का विशलेषण भी :-सुरेश यादव रतलाम

          साथियों पुरे प्रदेश के अध्यापक साथियो में वेतन निर्धारण पत्रक जारी होने में विलम्ब को लेकर बड़ी  उहापोह  की स्थिति बनी हुई है।  सभी के मन में आशंकाओ कुशंकाओ के बादल उमड़ रहे है । आशंकाओं को बढ़ावा देने की एक वजह है केबिनेट में प्रस्तुत  नोटशीट  का लिक होना। उसे अभी फिर कुछ साथियो ने वायरल कर दिया है।  लेकिन यदि हम पिछले कुछ आदेशो का अध्ययन करें तो हमारी कई आशंकाओ का समाधान हो पायेगा।
          सर्वप्रथम हम 4 सितंबर 2013 में जारी अंतरिम राहत के आदेश की बात करते है, हम सभी का मानना  है की अंतरिम राहत के आदेश में ही  विसंगति थी ,सही भी है लेकिन विसंगति सिर्फ सहायक अध्यापक और वरिष्ठ अध्यापक को कम अंतरिम राहत प्रदान करने की थी  , और इसमें सुधार के लिए सभी साथी प्रयासरत भी थे  कोई शासन को पत्र लिख रहा था कोई न्यायालय के माध्यम से प्रयासरत था ।
          लेकिन इस आदेश की कुछ विशषताओं पर आप का ध्यान आकृष्ट  करना चाहूंगा । इस आदेश के बिंदु क्रमांक ( ब ) i और ii में  सपष्ट लिखा था की सेवा  की गणना 1 अप्रैल 2007 की स्थिति से 1 अगस्त 2013 की स्थिति में की जायेगी , इसमें 2007 से 2013 तक की अवधि को 8 वर्ष माना गया था अर्थात 2007 की स्थिति में 2 वर्ष की सेवा मानी गयी थी  और नविन वेतन मान  1 अगस्त 2013 से सेवा पुस्तिका  में दर्ज  किया जाता । 

 

   यही नहीं उसी आदेश के बिंदु क्रमांक (द)  i और ii  में वेतन मान और वेतन निर्धारण का फार्मूला भी लिखा गया था ,जिसमे साफ था  की  अंतरिम राहत की राशि को पहले ग्रेड पे में और बाद में मूल वेतन में सेवा की गणना कर के समायोजित  कर व्यवस्थित  कि जाएगी ।  साथियों 2013 के फार्मूला के अनुसार 2017 में वरिष्ठ अध्यापक को कुल 5400 से 7000 अंतरिम राहत मिलती और समायोजन पर  3800 से 5400 रूपये मूल वेतन में जुड़ते। अध्यापक को 8200 से 10400 अंतरिम राहत मिलती , समायोजन पर 4300 से 5700   रूपये मूल वेतन में जुड़ते। इसी प्रकार सहायक अध्यापक को 2800 से 4000  अंतरिम राहत मिलती  समायोजन पर  3700 से 5300  रूपये मूल वेतन में जुड़ते । 2017 मे अंतरिम राहत कम ज्यादा होती क्योकि आदेश में ही व्यवस्थित करने का लिखा गया था। 



      मेरी नजर में विसंगतियाँ निम्नानुसार है 

 ( 1 )  बन्धुओं  सितंबर 2013 से सहायक अध्यापक और वरिष्ठ अध्यापक को  कम अंतरिम राहत मिल रही थी इसमें सुधार के लिए सभी प्रयासरत भी थे इसी क्रम में  याचिका क्रमांक WP 2999/15 ,सुरेन्द्र कुमार पटेल विरुद्ध मध्य प्रदेश शासन एवं अन्य के पालन प्रतिवेदन के बिंदु क्रमांक 6.2 एवं 7 में लिखे गए जवाब के कारण यह स्थिति साफ हो गयी है की 1 सितंबर 2013 से 31 दिसंबर 15 तक सहायक अध्यापक और वरिष्ठ अध्यापक को अंतरिम राहत कम मिल रही थी ,वह अब नहीं मिलेगी क्रमश 48 हजार और 24 हजार रूपये जो राज्य शासन हमे दे सकता था  वह अब नहीं मिलेगा ।यह राशि प्रदान  की जाए। 




 (2)     इसी प्रकार 25 जनवरी 2016 को जारी आदेश और केबिनेट में प्रस्तुत संक्षेपिका का अध्ययन करने से सपष्ट होता है ,की नविन  वेतन निर्धारण सेवा पुस्तिका में 1 जनवरी 2016 से किया जाएगा , साथियों  कर्मचारीजगत में आज तक का इतिहास रहा है की जब भी अंतरिम राहत मिलती है ,नविन वेतनमान उसी तारीख से निर्धारित  जाता है ।परन्तु पहली बार सरकार अंतरिम राहत 1 सितंबर 13 में देने के बाद वेतन निर्धारण 1 जनवरी 2016 से  कर रही है।  सेवा पुस्तिका में वेतन निर्धारण 2013 से किया जाए।  


 (3)    सहायक अध्यापक का न्यूनतम वेतन 5200+2400  से और वरिष्ठ अध्यापक का न्यूनतम 9300+3600 होगा, 7440 और 10230 नहीं  होगा।  सरकार  हमारे साथ छल करने जा रही है ,क्योकि 20 अगस्त 2009 के आदेश से  यह सपष्ट  होता है की 2400 ग्रेड पे के साथ न्यूनतम वेतन 7440  और 3600 ग्रेड पे के साथ मूल वेतन 10230 ही गिना जाता है ,इसी आदेश के बिन्दु  क्रमांक 02 एवं 03  में सपष्ट है की यह आदेश 1 जनवरी 2006 और उसके पश्चात नियुक्त सभी कर्मचारियों के लिए लागू किया गया है।गणना  7440 और 10230 से की जाए 


 (4)      हम सभी 5200+2400 और 9300+3600 से गणना के  बारे में फिक्रमंद है और तब भी क्या हानि होने वाली है  इसे समझें ,लिक नोटशीट में लिखा है की क्रमोन्नति और पदोन्नति में  वेतन निर्धारण मूल भूत नियम अनुसार किया जायेगा। और इस प्रकार क्रमोन्नति प्राप्त सहायक अध्यापक 1998,1999,2001,2002 और 2003 को  सही गणना और विसगतिपूर्ण गणना पर क्रमश : 450 ,470 ,410 ,790 ,1160 की हानि , मूल वेतन में होगी। जबकि क्रमोन्नति नहीं मिलने पर 2240 की हानि  मूल वेतन में होना तय है। इसी प्रकार वरिष्ठ अध्यापक 1998,1999,2001,2002 और 2003 को  सही गणना और विसगतिपूर्ण गणना पर क्रमश : 1320 ,1320 ,1240 ,1250,1240  की हानि  मूल वेतन में होगी जबकि क्रमोन्नति नहीं मिलने पर 930  की हानि  मूल वेतन में होना तय है।  (इसके लिए तुलात्मक चार्ट बाद में भेजा जाएगा) ।  
      (5 )    लिक नोटशीट से सपष्ट है की  वेतन निर्धारण पत्रक सम्परीक्षा निधि कार्यालय जाएंगे  तो सभी का वेतन समान हो जाएगा । अभी कई साथियो के वेतन में भारी असमानता है की जो वेतन निर्धारण के बाद सामान हो जायेंगे और वसूली की जाएगी असमान वेतन के कुछ प्रकरण या कारण  मेरे समक्ष आये है वे इस प्रकार हैं :-

(A) परिवीक्षा अवधि की वेतन वृद्धि :- शासन उच्च न्यायालय के इस  निर्णय के खिलाफ सर्वोच्च न्यायलय तक गया,अंत में न्यायालय  ने 2007 में वेतन वृद्धि में कटौती का कहा लेकिन 1998 से 2007 तक वसूली  नहीं करने के आदेश दिए , 2007 से समान स्थिति  करने के आदेश दिए परन्तु कुछ साथि 2007 के पश्चात भी इस वेतन में इसका लाभ ले रहे है।

( B ) स्वयं के व्यय पर डीएड / बीएड :-  स्वयं के व्यय पर डीएड / बीएड करने पर  कई साथी वेतन वृद्धि प्राप्त कर रहे है जबकि शासन  ने इस मामले पर रोक लगा  दी है। 

( C ) 2001 से वेतनमान की गणना :- 2001 से वेतनमान की गणना इस मामले में भी कई जगह पर अध्यापक साथियो ने लाभ ले लिया है परन्तु शासन ने इस पर भी रोक लगा दी है ।

( D ) गुरूजी को 1998 से शिक्षा कर्मी के समान वेतन मान :- गुरूजी को 1998 से शिक्षा कर्मी के समान वेतनमान इस मामले में भी न्यायलय ने अभ्यवें का निराकरण करने का आदेश   दिया गया  था परन्तु कई साथी इसका लाभ ले  चुके है सरकार द्वारा अपील की जा चुकी है और भुगतान रोक दि गयी है ।

( E ) संविदा शिक्षक को 3 वर्ष की एक वेतन वृद्धि :-  संविदा शिक्षक को 3 वर्ष की एक वेतन वृद्धि देने को लेकर एक फर्जी आदेश भी जारी हुआ था जीस पर प्रकरण  दर्ज है ,कुछ साथी न्यायलय भी गए सरकार ने देने से इंकार किया है । 
( F ) संविदा शिक्षक को देर से प्रशिक्षण प्राप्त करने पर भी 3 वर्ष बाद से अध्यापक  संवर्ग का वेतन :- कई जिलो में  2006 व 2007  और उसके पश्चात  संविदा शाळा शिक्षकों को निर्धारित समय पश्चात प्रशिक्षण प्राप्त करने पर भी 3 वर्ष की सेवा उपरांत अध्यापक संवर्ग में सम्मिलित किया गया है ,जबकी यह आदेश सिर्फ वर्ष 2001 और 2003 में नियुक्त संविदा शिक्षकों के ही था की वे जुलाई 2011 तक प्रशिक्षण प्राप्त करते है तब भी उन्हें 1 अप्रैल 2007 से अध्यापक संवर्ग में माना  जाएगा और वेतन  प्रदान किया जाएगा । इस प्राकर की स्थिति उत्पन्न होने पर वसूली पर रोक लगाई जाए। 

           गणना पत्रक को ले  आप सभी की चिंताओं के बारे में , मेने अपनी  राय रखी  है , गणना पत्रक जारी करना न करना सरकार की जिम्मेदारी है । अध्यापक संगठनो की जिम्मेदारी उसके बाद प्रारंभ होगी। आदेश का विश्लेषण करे,यदि कमी हो तो सुधार कराये ।आप को जानकारी होगी  की 25 फरवरी 2016 को, 1 जनवरी 2016 से वेतनमान प्रदान करने का आदेश जारी कर दिया गया है ।आदेश में स्पष्ठ है की जनवरी से मार्च तक का एरियर वित्त वर्ष 2016-17 में कभी भी और अप्रैल  से नगद भुगतान किया जाएगा । इस से स्पष्ठ होता  है की अप्रैल के बाद जब भी वेतन मिलेगा  अंतर, नगद लाभ के रूप में  वेतन के साथ मिलेगा ।  

    विलम्ब की समस्त जिम्मेदारी सरकार की है।  हमारे साथी अन्य व्यक्ति या संगठनों को जिम्मेदार ठहरा रहे है क्या यह उचित है ? साथियो अब  गणना  पत्रक  आ भी  जाए तब भी हमें नया वेतन मिलने में निश्चित रूप से लम्बा समय लगने वाला है क्योंकि  केबिनेट की जो संक्षेपिका लिक हुई थी उसमे  उल्लेख था की अब वेतन निर्धारण पत्रक सम्परीक्षा निधि कार्यालय जाएंगे ।  इस पूरी प्रक्रिया में लम्बा समय भी लगना तय है क्योकि यह कार्यालय संभागीय मुख्यालय पर होता है ,और एक संभाग में कितने DDO है आप कल्पना कीजिये। साथियो इस लिए साथियो अपनी ऊर्जा को बचाएँ रखें असली लड़ाई तो गणना पत्रक जारी बाद  प्रारम्भ होगी ।
      

लेटलतीफी  कल्पना  से  भी परे   नजर  आ रही  है , आप भी इस अफसरशाही की गड़बड़ियों पर विचार कीजिये ,शिक्षा मंत्री से अफसर विधनसभा में गलत जानकारी दिलवाते है ,मंत्रियो के एक तिहाई पद सरकार के आधे कार्यकाल के बाद भी रिक्त है , गौरीशंकर शेजवार जैसे वरिष्ठ  मंत्री को मिडिया में कहना पड़ता है की अफसर मेरी नहीं सुनते , ऐसा कहने वाले विधायको और सांसदों की तो गिनती ही नहीं।  इस प्रकार की लेटलतीफी देख कर यह सपष्ट  होता है की माननीय  शिवराज सिंह चौहान शासन और प्रशासन पर  अपना नियंत्रण खो बैठें है।


 
सुरेश यादव ,कार्यकारी जिलाध्यक्ष राज्य अध्यापक संघ  जिला रतलाम ( यह लेखक  के निजी विचार है )


Sunday, May 8, 2016

परमार्थ निकेतन एवं गंगा एक्शन परिवार द्वारा आयोजित शिक्षा क्रान्ति महाकुम्भ संपन्न 

         ऋषि सांदीपनी  की तपोभूमि जँहा पर कभी श्री कृष्ण और सुदामा साथ - साथ गुरुकुल में अध्ययन करते थे ,उसी भूमि पर सत्ता ,धर्म,शिक्षा और आस्था का  संगम । क्या अद्भुत दृश्य था, संत समाज , प्रबुद्धजन , नेता गण ,और गुरु सब एक मंच पर और शिक्षा को बचाने ,सबको समान शिक्षा ,समान पाठ्यक्रम जैसे विषय पर चिंतन ।

           सिहस्थ उज्जैन में  परमार्थ  निकेतन एवं गंगा एक्शन परिवार द्वारा आयोजित शिक्षा क्रान्ति महाकुम्भ माननीय स्मृति ईरानी जी केंद्रीय मंत्री मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं माननीय श्री शिवराज सिंह जी चौहान मुख्यमंत्री जी की से व्यस्तता के चलते  माननीय थावरचंद जी गहलोत, केंद्रीय मंत्री सामाजिक न्याय एवं कल्याण विभाग, भारत सरकार ,स्वामी श्री अवधेशानंद जी गिरी महाराज, स्वामी चिदानंद जी महाराज परमार्थ निकेतन, स्वामी आध्यात्मानंद जी महाराज अहमदाबाद, सुश्री भागवती जी सरस्वती , माननीय श्री सुधीर जी गुप्ता सांसद मन्दसौर, माननीय श्री मुरलीधर जी पाटीदार, श्री जगदीश जी यादव प्रांताध्यक्ष , श्री दर्शन जी चौधरी महासचिव राज्य अध्यापक संघ की उपस्थिति में संपन्न हुआ जिसमे एक समान शिक्षा पद्धति लागू किये जाने हेतु विचार मंथन किया गया।            
         विदित रहे स्वामी चिदानंद जी महाराज परमार्थ निकेतन , ने जब उज्जैन में शिक्षा क्रांति यात्रा के सन्देश और उद्देश्य लिखे होर्डिंग  देखें ,उन्होंने प्रभावित होकर उज्जैन जिलाध्यक्ष श्री शेख मोहम्मंद हनीफ से सम्पर्क किया और वस्तुस्थीती जानी ,तत्पश्चात आप के द्वारा " शिक्षा क्रान्ति महाकुंभ " करवाने का निर्णय लिया गया। स्वामी जी ने इसके बाद प्रांताध्यक्ष  श्री जगदीश यादव से चर्चा कर उन्हें अपने विचार रखने हेतु आमंत्रित किया । स्वामी जी द्वारा पुरे सिंहस्थ के दौरान कई सामजिक और पर्यावरण विषयों पर इस प्रकार के समागम आयोजित किये जा रहे हैं।  शिक्षा क्रन्ति महाकुंभ के पहले राज्य अध्यापक संघ द्वारा पर्यावरण  बचाने का  सन्देश देती यात्रा भी निकाली गयी ।    





Saturday, May 7, 2016

2013 में नियुक्त संविदा शाला शिक्षकों के अध्यापक संवर्ग में संविलियन पश्चात नविन पेंशन योजना (NPS) में आवेदन करने के लिए आप की सहायता हेतु यह लेख पढ़ें

        2013 में नियुक्त संविदा शाला शिक्षकों के अध्यापक संवर्ग में संविलियन का समय नजदीक आरहा है। राज्य अध्यापक संघ नवनियुक्त संविदा शिक्षकों की सहायता और मार्गदर्शन के लिए पुरे प्रदेश में शिविर आयोजित कर के सहायता  प्रदान करेगा। इसी क्रम में हमने नविन पेंशन योजना (NPS) में  आवेदन करने के लिए आप की सहायता के लिए  यह ब्लॉग लिखा है। इसमें आप PRAN आवंटित करने और योजना में सम्मिलित होने के लिए आवेदन प्राप्त कर सकते है। साथ ही इस ब्लॉग में आवेदन पूर्ति के सामन्य निर्देश भी हैं। 

स्थाई नियुक्ति खाता संख्‍या (PRAN) हेतु आवेदन करने के लिए इन निर्देशों का  पालन करें 


ब्लॉग के अंत में की लिंक को ओपन कर के आप CSRF 1 आवेदन  और S 5 आवेदन भी  प्राप्त कर सकते है इस CSRF  1 आवेदन के बाद आप योजना में सम्मिलित हो  पाएंगे और S 5  आप के DDO के लिए कवरिंग लेटर का प्रारूप है । 

Permanent Recruitment Account Number (PRAN) पूर्ति के निर्देश


     1-
इस फार्म का प्रयोग स्थानीय निकायों यथा पंचायत/नगरीय निकाय द्वारा नियुक्त अध्यापक संवर्ग  के अध्यापक करेगें। 
     2- फार्म की पूर्ति काली स्याही (बाल पेन) एवं केपिटल लेटर्स में की जाए। 
     3- फार्म के प्रत्येक खाने में केवल एक अक्षर/संखया का उल्लेख किया जाए। प्रत्येक शब्द के बीच में एक खाली बाक्स छोड़ा जाए।
     4- फार्म में निर्धारित स्थान पर कलर फोटोग्राफ  ( 3.5cm x 2.5cm ) चस्पा किया जाए। फोटोग्राफ पर स्टेपल अथवा पीन का प्रयोग नहीं किया जाए। 
       फार्म में निर्धारित स्थान पर हस्ताक्षर/ अगूठे का निशान नहीं लगाया जाए। फोटोग्राफ पर हस्ताक्षर अथवा किसी भी प्रकार का मार्क होने पर उसे स्वीकार नहीं किया जायेगा। यथा स्थान हस्ताक्षर किया जाना अनिवार्य है।

हम फार्म की पूर्ति करने के निर्देश भी आप को भेज रहे हैं ,कृपया आप पड़ कर फ्दर्म की पूर्ति करे


 
 
CSRF 1 आवेदन PDF में प्राप्त करने के लिए इस लिंक को ओपन करें


   S 5 आवेदन PDF में प्राप्त करने के लिए इस लिंक को ओपन करें यह आप के DDO के लिए कवरिंग लेटर का काम करेगा

सुरेश यादव
कार्यकारी जिलाध्यक्ष
राज्य अध्यापक संघ  जिला रतलाम 


Friday, May 6, 2016

प्रांताध्यक्ष श्री जगदीश यादव के पत्र पर कार्यवाही , मानव संसाधन विकास मंत्री भारत सरकार से अनुकम्पा नियमों में सुधार हेतु अपर मुख्य सचिव स्कुल शिक्षा, मध्य प्रदेश शासन को पत्र लिखा

         राज्य अध्यापक संघ हमेशा  से अध्यापक संवर्ग  के  हितों के संरक्षण और अधिकार प्राप्ति हेतु  कार्य करता रहा है।
 विदित रहे :- शिक्षकों की भर्ती के  लिए
/1/ पात्रता परिक्षा में न्यूनतम अंक
/2/ अहर्ताकारी परीक्षा अर्थात 12 वि में न्यूनतम अंक
/3/  व्यवसायिक प्रशिक्षण की अनिवार्यता  ,की आवश्य्कता होती है। यह सब अनिवार्यता  शिक्षा का अधिकार अधिनियम के कारण तय की गयी है। यही अनिवार्यता अनुकम्पा भर्ती  में भी सम्मिलित की गयी है इस कारण संविदा शाळा शिक्षकों के रूप में अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों में कठिनाई आ रही है। 
     
      इसी क्रम में संगठन के प्रांताध्यक्ष श्री जगदीश यादव ने श्रीमती समृति ईरानी  मानव  संसाधन विकास मंत्री भारत सरकार से  अनुकम्पा नियमों में सुधार और सरलीकरण करने के का  आग्रह किया था। अनुकम्पा के प्रकरणों  पर त्वरित कार्यवाही हेतु , इन नियमों में शिथिलता  व कार्यवाही करने के लिए केंद्र सरकार ने अपर मुख्य सचिव स्कुल शिक्षा मध्य प्रदेश शासन को पत्र लिखा है। आशा है जल्द ही नियमों में सुधार हो 
पाएगा।




शिक्षकों के अर्जित अवकाश की पात्रता के सम्बन्ध में

शैक्षणिक संवर्गो को अवकाश पर रोकने के अधिकार में संशोधन

शिक्षण संस्‍थाओं/विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2016-17 हेतु अवकाश

स्‍कूल शिक्षा विभाग के अधीनस्‍थ प्रदेश की समस्‍त शिक्षण संस्‍थाओं/विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2016-17 हेतु अवकाश ।

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अध्यापक संवर्ग को शिक्षक संवर्ग के समान अवकाश की पात्रता अध्यापक भर्ती एवं सेवा की शर्तें नियम राजपत्र में उल्लेख 2008

अध्यापक भर्ती एवं सेवा की शर्तें नियम 2008  

अध्यापक संवर्ग को शिक्षक संवर्ग के समान अवकाश की पात्रता संबंधी राजपत्र में उल्लेख (पंचायत निकाय ) 2008 PDF में प्राप्त करने के लिए इस लिंक को ओपन करें 

अध्यापक संवर्ग को शिक्षक संवर्ग के समान अवकाश की पात्रता संबंधी राजपत्र में उल्लेख (नगरीय निकाय) 2008 PDF में प्राप्त करने के लिए इस लिंक को ओपन करें




संविदा शाळा शिक्षकों को मातृत्व एवं पितृत्व अवकाश की पात्रता सबंधी राजपत्र

संविदा शाला शिक्षक  भर्ती एवं सेवा की शर्तें नियम 2005 


संविदा शाळा शिक्षकों को मातृत्व एवं पितृत्व अवकाश की पात्रता सबंधी राजपत्र में उल्लेख (पंचायत निकाय ) 2005 PDF में प्राप्त करने के लिए इस लिंक को ओपन करें


संविदा शाळा शिक्षकों को मातृत्व एवं पितृत्व अवकाश की पात्रता सबंधी राजपत्र में उल्लेख (नगरीय निकाय) 2005 PDF में प्राप्त करने के लिए इस लिंक को ओपन करें 







संविदा शाळा शिक्षकों को 180 दिवस मातृत्व अवकाश की पात्रता सबंधी राजपत्र में संशोधन






 (नगरीय निकाय)



                                      (पंचायत निकाय )




संतान देखभाल अवकाश के संबंध में जारी सभी आदेश, राजपत्र ,स्प्ष्टीकरण

नविन पेंशन प्रणाली के आवेदनों में कीसी भी प्रकार की त्रुटि या कमी के लिए संकुल प्राचार्य की जिम्मेदारी तय की गयी है।

आयुक्त लोक शिक्षण ने सभी जिलों में प्राण किट (PRAN )  वितरण हेतु भेजी है इसके साथ ही  सी. एस. आर. एफ -1 (प्राण आवंटित करने हेतु नविन आवेदन) ,इस -5 (DDO  का कवरिंग लेटर) ,एवं अंतिम भुगतान के आवेदन चेक लिस्ट अनुसार भेजने के निर्देश सभी जिला शिक्षा अधिकारी को दिया है।  आवेदनों में कीसी भी प्रकार की त्रुटि या कमी के लिए संकुल प्राचार्य की जिम्मेदारी तय की गयी है।

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लोक शिक्षण संचलनालय का आदेश अध्यापक संवर्ग को शिक्षक संवर्ग के समान अवकाश की पात्रता है दिनाक 17/05/2010

लोक शिक्षण संचलनालय का आदेश अध्यापक संवर्ग को शिक्षक संवर्ग के समान अवकाश की पात्रता है दिनाक 17/05/2010 


संतान देखभाल अवकाश का लोक शिक्षण संचलनालय द्वारा पृष्ठांकन दिनाक 17/12/2015


संतान देखभाल अवकाश का लोक शिक्षण संचलनालय द्वारा पृष्ठांकन दिनाक 17/12/2015 


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अध्यापक संवर्ग को शिक्षक संवर्ग के समान सभी अवकाश की पात्रता है मार्गदर्शन दिनांक 21/10/2011

अध्यापक संवर्ग को शिक्षक संवर्ग के समान  सभी अवकाश की पात्रता  है लोक शिक्षण संचलनालय द्वारा प्रसूति अवकाश के संबंध में दिया गया मार्गदर्शन दिनांक 21/10/2011
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संविदा शाला शिक्षकों को मातृत्व और पितृत्व अवकाश शासन का पत्र दिनांक 14/11/2006


संविदा शाला शिक्षकों को मातृत्व और पितृत्व अवकाश दिए जाने के संबंध में स्कुल शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश शासन का पत्र दिनांक 14/11/2006
आदेश PDF में प्राप्त करने के लिए यंह लिंक ओपन करें

Thursday, May 5, 2016

सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत अध्यापकों के अंशदान को जमा करने विषयक 10/02/2015

सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत अध्यापकों  (APC /BRCC /BGC /BAC /CAC ) के  NPS कटोत्रा  तो  हो गया है ,परन्तु  प्रतिनियुक्ति अवधि में एक बार भी  जमा नहीं हुआ है। उसकी जानकारी भेजने  के लिए राज्य शिक्षा केंन्द्र  ने जानकारी मंगवाई थी जिस  भी साथी के साथ  समस्या आई है वह अंशदान को जमा कर वाने के लिए जानकारी भिजवाए इस विषयक आदेश 10/फरवरी/2015 को जारी हुआ था। 


आदेश PDF में प्राप्त करने के किये यँहा क्लिक करें

Wednesday, May 4, 2016

अध्यापको को विचार करना चाहिए. कहां से चले थे.....कहां है..... और आगे कहां जा रहे है :- रिज़वान खान

           आज अध्यापको को कुछ बातो पर विचार करना चाहिए. हम कहां से चले थे.....कहां है..... और आगे कहां जा रहे है. देश का अनुभव है की एक राजनैतिक दल के तथाकथित परिवारवाद का विरोध करते करते सारे राजनैतिक दल कब स्वयं परिवारवाद में आकण्ठ डूब गए पता ही नही चला. कही हम भी कालचक्र की उसी परिघटना की पुनरावृत्ति करते तो नही दिख पड़ रहे है.
                 सोशल मीडिया पर तलवारे खिंची हुई है तर्क वितर्क कुतर्क से बात कही आगे बढ़कर व्यक्तिगत टिप्पणियॉ को पार कर इस आभासी दुनिया के बाहर हिसाब किताब कर लेने आतुर दिख पड़ती है. ऐसे वातावरण में जब स्वतन्त्र स्वर नक्कारखाने की तूती बन अपनी इज्जत बचाने के लिए जद्दोजहद करने लगते है .......नई उमर की कच्ची तरुणाई अपने पिता की आयु के वरिष्ठों को जुतियाने लतियाने को लालायित नजर आती है ........पशुओ और उनकी भाव भंगिमाओं पर आधारित भाषा उपमा और अलंकार के सहारे नये तरह का व्याकरण रचा जा रहा है तब भी कुछ सार्थक होने की आशा करना अपने मन को समझाने के सिवा कुछ नही है. राष्ट्रपिता ने कहा था की अनुचित साधन के द्वारा प्राप्त किया गया साध्य राष्ट्र की आत्मा को सन्तुष्ट नही कर सकता. अपने इन क्रिया कलापो के बाद यदि हम विसंगति रहित वेतन पाने में सफल हो भी गए तो क्या स्वयं से नजरे मिला पाएंगे.
           बन्धुओ हम सब गलतियों के पुतले है कोई परिपूर्ण नही है. एक दूसरे को समझाते बुझाते ही जीवन यात्रा करनी है. आमतौर पर कटु शब्दों का प्रयोग नही करता किन्तु विगत दिनों के वातावरण से किंचित मै भी प्रभावित हो गया. कुछ गलत लिख दिया हो तो क्षमा करे। 

           पुनश्च:-  राजनीति निर्मम होंते होते कब हमसे मानवीय मूल्यों के विपरीत आचरण करवा लेती है हमे पता ही नही चलता.

         रिज़वान खान लेखक बैतूल जिले  में खेल अनुदेशक (अध्यापक )  है, यह लेखक के निजी विचार है ,


राज्य अध्यापक संघ जिला शाखा मण्डला अध्यक्ष डी.के.सिंगौर ने अशंदायी पेंशन को लेकर माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में याचिका दायर की

मंडला। स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत अध्यापकों का 15 माह से और आजाकवि में कार्यरत अध्यापकों का 13 माह से अशंदायी पेंशन की अंशदान राशि NSDL में जमा नहीं हुई है। शिक्षा विभाग में जनवरी 2015 तक का और आजाक विभाग में मार्च 2015 तक का ही अंशदान जमा हुआ है जबकि अध्यापकों के खाते से प्रतिमाह अंशदान की राशि काटी गई है। 

विलम्ब से राशि जमा करने का मामला अभी का नहीं बल्कि जब से यह योजना लागू हुई है ऐसे ही विलम्ब से राशि जमा हुई है। इसके विपरीत राज्य शासन के कर्मचारियों को लागू इसी योजना का अंशदान कोषालय द्वारा दो दिन के अंदर जमा कर दिया जाता है यदि अधिकत्तम विलम्ब हुआ तो 15 दिन के अंदर हर हाल में राशि जमा हो जाती हैं। राज्य शासन के कर्मचारियों की कटौती कोषालय के द्वारा की जाती है जबकि अध्यापकों द्वारा कोषालय में वेतन की 90 प्रतिशत राशि के देयक लगाये जाते हैं नोडल अधिकारी आयुक्त आदिवासी विकास और आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा 20 प्रतिशत राशि पोर्टल की रिपोर्ट के आधार पर एनएसडीएल में जमा कराई जाती है। यह राशि सामान्यतः 6 महीने के बाद ही जमा होती है वर्तमान में 15 महीने से जमा नहीं की गई है।

अब हाईकोर्ट में याचिका

राज्य अध्यापक संघ के जिला शाखा मण्डला अध्यक्ष डी.के.सिंगौर ने माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में इस मामले को लेकर याचिका दायर कर दी है राज्य अध्यापक संघ ने याचिका में कहा है कि अध्यापक और शासन दोनों का 10-10 प्रतिशत अंशदान विभाग प्रतिमाह नियमित रूप से जमा करे और विलम्ब होने की स्थिति में अंशदायी पेंशन योजना में लागू ब्याज की दर से ब्याज सहित राशि जमा करे।
अब तक जमा की गई राशि में भी जो विलम्ब हुआ है उसका भी ब्याज जमा करे। संघ ने मामला न्यायालय में ले जाने से पूर्व शासन और विभाग को चेता दिया था। दायर याचिका में सचिव म.प्र.शासन स्कूल शिक्षा विभाग, सचिव मप्र.शासन वित्त विभाग,आयुक्त आदिवासी विकास, आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय,एन.एस.डी.एल. और कलेक्टर मण्डला को प्रतिवादी बनाया गया है।

कैसें हो रहा है नुकसान

उल्लेखनीय है कि एनएसडीएल में जमा अंशदान राशि का 85 प्रतिशत यूटीआई,एसबीआई लाइफ और एलआईसी को केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित ब्याज दर से राशि उधार में दी जाती है और 15 प्रतिशत राशि शेयर बाजार में निवेश की जाति है। स्पष्ट है कि राशि जितने विलम्ब से जमा होगी अध्यापकों को उतना ही अधिक ब्याज का नुकसान होगा और शेयर बाजार में निवेश भी विलम्ब से होगा। यदि इसी प्रकार 12-15 महीने विलम्ब से अंशदान की राशि जमा होती रहेगी तो अध्यापकों को रिटायरमेंट में लाखों का नुकसान होगा और यह क्षति 40 प्रतिशत तक होगी।एरियर्स मिलने पर भी नुकसानसंघ ने अंशदायी पेंशन की राशि जमा होने में एक और गड़बड़ी उजागर की है अध्यापकों के पिछले माहों का वेतन एरियर्स जो कि  वेतन पुनरीक्षण डी.ए. में वृद्वि आदि के कारण बनता है उस राशि के अंशदान जमा का लाभ अध्यापकों को नहीं मिलता है क्योंकि अध्यापकों के वेतन देयक एज्यूकेशन पोर्टल से जनरेट होते हैं और पोर्टल पर एरियर्स देयक तैयार करने की कोई सुविधा नहीं है।

Monday, May 2, 2016

8 माह बाद अंतरिम राहत के आदेश जारी ,जिम्मेदार कौन ? :- सुरेश यादव

        30 अप्रैल 2016 को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने अध्यापक संवर्ग को अंतरिम राहत की तीसरी किश्त का आदेश जारी  कर दिया है । लेट लतीफी की पराकाष्ठा  देखिये  वित्त विभाग द्वारा आदेश जारी  करने की  सहमती  दिनांक 04 जनवरी 2016 को ही दे दी गयी थी। परन्तु वित्त विभाग से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तक का सफर तय करने  में इस नोटशीट को 118 दिन का समय लगा  और 1 सितंबर 2015 जब से मिलना था आदेश उसके 8 महीने बाद निकला । 04 जनवरी 2016  की तारीख आप को याद आ रही है या नहीं मुझे अवश्य याद है 04 जनवरी 2016 को अध्यापकों को 6 टे वेतन मान के प्रस्ताव को केबिनेट में लाने के लिए अंतिम रूप दिया गया था और 5 जनवरी को प्रस्ताव  केबीनेट में आया था । साथियो अध्यापक संगठन अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करें या इस प्रकार की लेटलतीफी को भी दूर करवाएं ,आखिर आदेश करवाना संगठनों की जिम्मेदारी थोड़े ही है ।
           यह सब  कल्पना  से  भी परे   नजर  आ रहा  है , आप भी इस अफसरशाही की गड़बड़ियों पर विचार कीजिये ,शिक्षा मंत्री से अफसर विधनसभा में गलत जानकारी दिलवाते है ,मंत्रियो के एक तिहाई पद सरकार के आधे कार्यकाल के बाद भी रिक्त है , गौरीशंकर शेजवार जैसे वरिष्ठ  मंत्री को मिडिया में कहना पड़ता है की अफसर मेरी नहीं सुनते , ऐसा कहने वाले विधायको और सांसदों की तो गिनती ही नहीं।  इस प्रकार की लेटलतीफी देख कर यह सपष्ट  होता है की माननीय  शिवराज सिंह चौहान शासन और प्रशासन पर  अपना नियंत्रण खो बैठें है।
 सुरेश यादव ( 
यह लेखक  के निजी विचार है )



सोहागपुर ब्लॉक के सहयक अध्यापक श्री बृजमोहन साहू ने अपना वेतन कम करवाने की मांग की

  राज्य अध्यापक संघ के  तत्वाधान एवं शिक्षा विभाग के मार्गदर्शन में   आयोजित अध्यापक समस्या निवारण शिविर में ,सोहागपुर ब्लॉक के सहयक अध्यापक श्री बृजमोहन साहू ने अपना वेतन कम करवाने की मांग की ,पूरा ममला जानने के लिए समाचार को पढ़े।  


Sunday, May 1, 2016

"शिक्षा क्रान्ति महाकुम्भ" लोकसभा सत्र के चलते अब 07 मई 2016 को आयोजित होगा।

राज्य अध्यापक संघ मध्यप्रदेश की "शिक्षा क्रान्ति यात्रा" से प्रभावित् होकर परमार्थ निकेतन एवं गंगा एक्शन परिवार के  द्वारा 05 मई 2016 को  आयोजित "शिक्षा क्रान्ति महाकुम्भ" लोकसभा सत्र के चलते माननीय श्रीमती स्मृति ईरानी जी केंद्रीय मंत्री मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 7 मई 2016 को समय प्रदान किये जाने की  स्वीकृत प्राप्त होने से अब 07 मई 2016 को आयोजित होगा।

               "आमंत्रित परम पूज्य संत एवं अतिथि "
        परम पूज्य स्वामी अवधेशानंद जी महाराज
            परम पूज्य सत्य मित्रानंद जी महाराज
          पूर्व शंकराचार्य, भारत माता मंदिर हरिद्वार
            माननीय श्रीमती स्मृति ईरानी जी
         केंद्रीय मंत्री, मानव संसाधन विकास मंत्रालय
                   भारत सरकार, नई दिल्ली
            माननीय श्री शिवराज सिंह जी चौहान
                मुख्यमंत्री , म.प्र. शासन भोपाल
                   
                    दिनांक - 07 मई  2016
                 स्थान-  सिंहस्थ महाकुम्भ
                  राम राज्य गौशाला के पीछे
                      बड़नगर रोड उज्जैन
         समय - प्रातः 11 बजे से शाम 5 बजे तक
             
                 कार्यक्रम के प्रमुख सूत्रधार
                 आचार्य डॉ. देवेंद्र जी शास्त्री
            सम्मानीय श्री गजराज जी सिसोदिया
                             
                    विशेष आमंत्रित सदस्य
                        श्री जगदीश यादव
               प्रांताध्यक्ष, राज्य अध्यापक संघ म.प्र
                       श्री दर्शन जी चौधरी
         प्रांतीय महासचिव, राज्य अध्यापक संघ म.प्र.
                       
"शिक्षा क्रान्ति महाकुम्भ "उपरोक्त  संत एवं माननीय अतिथियों की गरिमामय उपस्थिति में संपन्न होने जा रहा है। उक्त कार्यक्रम में पूरे दिन शिक्षा को लेकर देश के प्रमुख शिक्षाविदों एवं राज्य अध्यापक संघ के प्रांताध्यक्ष श्री जगदीश जी यादव, प्रांतीय महासचिव श्री दर्शन जी चौधरी सहित संघ के प्रमुख प्रदेश पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया है ।
                       
इसी दौरान राज्य अध्यापक संघ म.प्र. द्वारा अध्यापक संवर्ग की प्रमुख समस्याओं सहित अनुकम्पा नियुक्ति में डी. एड./बी.एड.की शिथिलता संबंधी प्रावधान  एवं नियमित कर्मचारियों के समान पेंशन प्रदाय किये जाने की मांग करते,  समस्याएं यथाशीघ्र निराकृत किये जाने हेतु मांग की जायेगी। इसके पूर्व भी प्रांताध्यक्ष श्री जगदीश यादव द्वारा अनुकम्पा नियुक्ति एवं पेंशन के सम्बन्ध में पत्र प्रेषित करते हुए माननीय केंद्रीय मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी जी से निवेदन कर प्रयास किये गए हैं।
                 
 प्रांताध्यक्ष श्री जगदीश यादव एवं समस्त प्रदेश कार्यकारिणीे रा.अ.सं. म.प्र. ने प्रदेश के समस्त अध्यापक, संविदा शिक्षक व गुरूजी भाई बहिनों का आहवान करते हुए "शिक्षा क्रान्ति महाकुम्भ" में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थिति प्रदान कर अपनी मांगों के निराकरण में सहभागिता के साथ कार्यक्रम को सफल बनाने एवं महाकुम्भ में धार्मिक संत समागम का पुण्य लाभ प्राप्त करने की अपील की है।


राज्य अध्यापक संघ होशंगाबाद की अनुरकरणीय पहल

राज्य अध्यापक संघ होशंगाबाद की अनुरकरणीय  पहल-                                

राज्य अध्यापक संघ के प्रांतीय सचिव श्री गजेन्द्र बछले व जिला   कार्यकारिणी होशंगाबाद  के साथी श्री अमित गौर, पदम सिह मुजालदा, श्याम सिह भदौरिया  और संकुल प्राचार्य एल एल माछीवाल व् लेखापाल श्री अशोक तिवारी की अनुकरणीय पहल पर जिले के बाबई ब्लाक के सांगाखेड़ा कला संकुल मे पदस्थ श्री ओमप्रकाश विश्वकर्मा संविदा शाला शिक्षक वर्ग 03 की माता जी का ऐक्सीडेंट होने पर जवलपुर में इलाज हेतु आर्थिक समस्या के चलते हास्पिटल से रिलीविंग नही होने की समस्या के चलते संकुल के समस्त स्टाफ ने पारिवारिक  भाव रखते हुऐ 34000 चौतीस हजार रूपये की आर्थिक सहायता प्रदाय की।               
राज्य अध्यापक संघ होशंगाबाद के समस्त साथियों सहित संकुल सांगाखेड़ा के समस्त शैक्षणिक स्टाफ द्वारा किये गए इस सराहनीय प्रयास एवं अनुकरणीय पहल हेतु राज्य अध्यापक संघ परिवार म.प्र. सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं  प्रेषित करता है।।    
                            प्रांतीय सचिव श्री गजेन्द्र बछले 

नविन पेंशन प्रणाली, होते हुए भी खाली हाथ सेवानिवृत्त होते अध्यापक

दुखी करती तस्वीर
 


        मझोली जबलपुर में  प्राथमिक शाला हरदुआ की सहायक अध्यापक प्रेमवती सोनी  सेवानिवृत्त हो गई । विभागीय त्रुटि से आज तक प्रान नंबर जारी न होने से एक रु की भी कटौती नहीं हो पाई थी । संकुल रानीताल के अध्यापको ने प्रण किया कि मैडम को ख़ाली हाथ न जाने देंगे।
हमे  गर्व है अपने समस्त साथियों पर जिन्होंने अनुकरणीय उदाहरण प्रदेश के सामने रखा।
        परन्तु विभागीय त्रुटि से ज्यादा विभागीय अधिकारियों की लापरवाही ही कही जायेगी  विभाग के जिन लोगो कि  त्रुटी के कारण बिना सी. पी. एफ. के श्रीमती सोनी मैडम को सेवानिव्रत होना पडा उनके विरुध कार्यवाही के लिये एक डीईओ और जिलाधीश को ज्ञापन दिया जाना चाहिए और अध्यपको की नुमायनद्गी करने वाले स्थानीय नेताओं  को भी अपने कार्यो की समीक्षा करनी चाहिए  की उनके रहते कीसी अध्यापक को इस तरह से सेवानिव्रत होना पड़ रहा है ? आखिर 2011 से अब तक आज 60 माह का कटोत्रा और सरकार का अंशदान तो अवश्य मिलता ऐसे साथियो को। 

      वैसे हम सभी जानते है की ,की 1998 के भर्ती नियम में  पेंशन और बिमा के कोई नियम नहीं थे,और आज के समय सेवानिवृत्त होने वाले साथी तत्कालीन समय में  40 से 45 वर्ष की आयु के दौरान सेवा में आये होंगे। परन्तु हमे जब आज के समय में यह सुविधा मिलने लगी है उसका लाभ अवश्य लेवे  और पदाधिकारी अधिक से अधिक साथियो की सहायता करें।