Monday, December 19, 2016

स्पष्ट शासन आदेश के बाद भी त्रुटिपूर्ण वेतन निर्धारण के लिए DDO और अनुमोदन करने वाला अधिकारी जिम्मेदार है शासकीय सेवक नहीं ,वसूली उन्ही से होगी ,DPI का आदेश 16 दिसम्बर 2016

स्पष्ट शासन आदेश के बाद भी त्रुटिपूर्ण वेतन निर्धारण के लिए DDO और अनुमोदन करने वाला अधिकारी जिम्मेदार है शासकीय सेवक नहीं ,वसूली उन्ही से होगी ,DPI का आदेश 16 दिसम्बर 2016

16 दिसम्बर 2016 का आदेश एवं संदर्भित सर्वोच्च न्यायालय का आदेश पीडीऍफ़ में प्राप्त करें ,इस लिंक को ओपन करें



संदर्भित आदेश दिनांक 09 जुलाई 2014 (2011 के पहले की वसूली के ब्याज नहीं लिया जाएगा ) पीडीऍफ़ में प्राप्त करने के लिए इस लिंक को ओपन करें 


वसूली के लिए किश्ते निर्धारण करने का आदेश दिनांक 31 मई 2011



दिवंगत अध्यापक संवर्ग के आश्रितो मिलने वाली सुविधाओं का आदेश 18 अक्टूबर 2016

दिवंगत शासकीय सेवको के आश्रितों को  मिलने वाली सुविधाएं समाचार पत्रों में और सुचना पटलो .पर सार्वजनिक करने और अनुग्रह राशी के साथ निम्न प्रपत्र देने का आदेश लोकशिक्षण संचालनालय द्वारा जारी किया गया है ,प्रपत्र से स्पष्ट है की अध्यापक संवर्ग के आश्रितों को संविदा शिक्षक वर्ग 2 के पद पर नियुक्ति प्रदान की जा सकती है .लेकिन नुनतम अर्हताएँ पूर्ण. करनी आवश्यक हैं .




शासन ने ग्रीन कार्ड धारक उम्मीदवार को मिलने वाली सुविधाये संमाप्त की

राज्य शासन ने ग्रीन कार्ड धारक उम्मीदवारों को ,नियुक्ति हेतु आयोजित विभिन्न पात्रता परीक्षाओं  में मिलने वाली सुविधाये समाप्त कर दि  हैं ,अब ग्रीन कार्ड धारका उम्मीदवार को अधितम  आयुसीमा में 2 वर्ष की छुट और साक्षात्कार में अधिकतम 5 प्रतिशत अंक प्रदान नहीं कीये जायेंगे .


आदेश पीडीऍफ़ में प्राप्त करने के लिए इस लिंक को ओपन करें

Saturday, December 17, 2016

मध्य प्रदेश में दिव्यांग व्यक्तियों को व्रत्ति कर से 2020 तक मुक्त किया गया है ,इस सम्बन्ध में राजपत्र

 मध्य प्रदेश वृत्तिकर में संशोधन कर के वृत्ति कर की सीमा 1लाख 80 हजार की गयी है वंही दिव्यांग व्यक्तियों को व्रत्ति कर से 2020 तक मुक्त किया गया है ,इस सम्बन्ध में राजपत्र है

वृत्तिकर की सीमा 1 लाख 80 हजार करने का राजपत्र पीडीऍफ़ में प्राप्त करें

वृत्तिकर से दिव्यांग व्यक्तियों को 2014 तक मुक्त करने का राजपत्र पीडीऍफ़ में प्राप्त करें

वृत्तिकर से दिव्यांग व्यक्तियों को 2015 तक मुक्त करने का राजपत्र पीडीऍफ़ में प्राप्त करें

वृत्तिकर से दिव्यांग व्यक्तियों को 2020 तक मुक्त करने का राजपत्र पीडीऍफ़ में प्राप्त करें











Friday, December 16, 2016

अध्‍यापक संवर्ग के अंशदान पेंशन योजना से संबंधित विभिन्‍न कार्यों को आनलाइन कराये जाने के लिए लिपिकों का कंप्‍यूटर प्रशिक्षण भोपाल में

अध्‍यापक संवर्ग के अंशदान पेंशन योजना से संबंधित विभिन्‍न कार्यों को आनलाइन कराये जाने के लिए  लिपिकों  का कंप्‍यूटर प्रशिक्षण भोपाल में करने का आदेश लोक शिक्षण संचलनालय  ने किया हैं
आदेश पीडीऍफ़ में प्राप्त करने के लिए इस लिंक को ओपन करें'


तबादला तो चाहिए अध्यापक को, किन्तु विभाग से या सिर्फ स्थान से ? गहन चिन्तन करे अध्यापक -राशी राठौर देवास

जब भी बात स्थानांतरण की आती है ,प्रदेश के लाखो अध्यापको की आंखे नम हो ही जाती है। यह मामला सीधा परिवार से जुडा है। यदि स्थानांतरण के आंकडे पर सरसरी नजर डाले तो 10 से 15 वर्षो से लाखो अध्यापक तबादले की बाट जोह रहै है। तबादला नीती आती भी है तो पहले वर्षो से प्रतिक्षारत अध्यापक भाई बहन को ही प्राथमिकता दी जायेगी जो सही भी है। मतलब लगभग पिछले 8 वर्षो मै नियुक्त अध्यापक का नम्बर वैसे भी नही लगने वाला। तबादला नीती के नियमानुसार मात्र 20% अध्यापकों की समस्या हल हो पायेगी। 100% ऊर्जा लगाकर 20% रिजल्ट ऊर्जा का हास नही तो क्या है। क्योंकि सरकार की अपनी विवशता है।
अब यदि अध्यापक के संघर्ष की कहानी पर नजर डाले तो हर एक छोटी -छोटी सुविधा के लिए ठंडे खाने पडे है। गुरू जैसे शांत प्राणी को आक्रामक होकर मैदान मै लडना पडा है। युद्ध तो चाणक्य ने भी किया था। किन्तु उनका प्रथम प्रहार ही अंतिम प्रहार था व विजयश्री उनके चरणों थी। छटवेवेतनमान ने अध्यापको को आर्थिक सबल दिया है और वे अपनी परिवारिक जिम्मेदारी निभाने मै पहले से ज्यादा सक्षम है।फिर भी इस बात मै संदेह नही है की तबादला एक भावनात्मक मामला है।किन्तु क्या अनुकम्पा नियुक्ति के बाट जोह रहे परिवार के आंसु भावनात्मक मामला नही है। चाइल्ड केयर लीव भी परिवार और ममत्व से जुडा मामला है। क्या अब सातवें वेतनमान के लिए अध्यापको को नही लडना पडेगा। तो कब तक हम इसी तरह लडाकू योद्धा की भूमिका अदा करते रहेंगे।अध्यापको को समान काम का समान दाम तो मिला है ,पर समान नाम और समान विभाग नही मिला। जिनके काम का हम खाते है, जिनका हुकम हम बजाते है(शिक्षा विभाग) ये हमारा दुर्भाग्य ही हो तो है कि हम उनके कुछ नही कहलाते है। विभिन्न सुविधाओं से वंचित सिर्फ एक लाइन लिखकर कर दिया जाता है की आप विभाग के कर्मचारी नही है। अध्यापको को का अंतिम प्रहार शिक्षा विभाग प्राप्त करने के लिऐ होना चाहिए इस एक लक्ष्य को साधने से तबादला, अनुकम्पा, चाइल्ड केयर लीव ही नही बल्कि सातवां वेतनमान की समस्या भी स्वतः ही सध जायेगी।( लेखिका स्वयं अध्य्यापक है,और यह उनके निजी विचार है)

15 अक्टूबर 2016 के वेतन गणना पत्रका में विसंगतियां ,सुधार कैसे हो ?




 

Thursday, December 15, 2016

लोकशिक्षण संचालनालय ने जिलो में कार्यरत अध्यापक संवर्ग की अंशदायी पेंशन योजना संबधी जानकारी बुलाई

लोकशिक्षण संचालनालय ने जिलो में कार्यरत अध्यापक संवर्ग की जानकारी मांगी है ,जानकारी में कार्यरत ,प्राण कार्ड बने और ,पान किट नहीं आई है या पुचा गया है ,जनकारी DDO स्तर तक की मांगी गयी है ,विभा ने सभी DEO को कहा है की आगामी बैठक में जानकारी साथ में लायें .
आदेश पीडीऍफ़ में देखने के लिए इस लिंक को ओपन करें


Wednesday, December 14, 2016

कर्मचारियों के लिए आयकर और वृत्ति कर की समस्त जानकारियाँ -सुरेश यादव रतलाम






सम्माननीय साथियों ,सादर वन्दे,
जनवरी माह आने वाला है ,इसके साथ ही हमारे वेतन से विभिन्न प्रकार की कर कटोतीयां भी प्रारम्भ होने लगेंगी, आप के मन में इस विषय को लेकर कई प्रश्न होगें उनका जवाब और अधिकतम जानकारी जुटाने का, का प्रयास किया है  आप इसे अंतिम जानकारी न समझें
वृत्तिकर (राज्य सरकार का कर)
मध्यप्रदेश की सीमाओं के भीतर जिविकाउपार्जन करने के वाले प्रत्येक व्यक्ति पर लागु होता है ,जो निजी क्षेत्र,सार्वजनिक क्षेत्र ,निकायों ,सरकारी क्षेत्र,केन्द्रीय सरकार ,भारतीय रेल ,केंद्र सरकार के उपक्रम में वेतन या मजदूरी पर नियोजित हो अथवा स्वयं के व्यवसाय से आय अर्जित करता हो उस पर यह कर लागु होता है ।कृषि आय,बोनस ,पेंशन और उपादान (ग्रेज्युटी) को इस कर से मुक्त रखा गया है ।निशक्त कर्मचारियो को 2020 तक वृत्ति कर से मुक्त रखा गया है
        वृत्तिकर की दर ( 1 अप्रैल 2013 से लागु )
           

             आय प्रतिवर्ष
           कर की दर प्रतिवर्ष
रूपये 180000 तक
कुछ नहीं
रूपये 180001 से अधिक
रूपये 2500 प्रतिवर्ष

             आयकर (केन्द्रीयकर)

वेतन,पेंशन,मकान-संपत्ति से आय,व्यापर,केपिटल गेन ,अन्य स्त्रोत से आय को आयकर गणना में लिया जाताहै ,कृषि आय को छोड़कर ।
  60 वर्ष तक के महिला/पुरषों के लिए वित्त वर्ष 2016-17 की आयकर स्लेब



आय की सीमा
आयकर की दरें
शिक्षा+उच्चशिक्षा उपकर
2,50,000 तक
निरंक
-
2,50,001 से 5,00,000 तक
10 प्रतिशत
करयोग्य राशी का 3 प्रतिशत
5,00,001 से 10,00,000 तक
20 प्रतिशत
करयोग्य राशी का 3 प्रतिशत
10,00,001 से अधिक
30 प्रतिशत
करयोग्य राशी का 3 प्रतिशत





     5 लाख तक की आय पर टेक्स रिबेट 5000 रहेगी,उदहारण के लिए आप की आय 5 लाख रूपये है और आप की कुल कर योग्य राशी 25000 हुई तो आप को केवल 20000 रूपये ही आयकर के जमाँ करने होंगे इस पर 600 रूपये शिक्षा उपकर लगेगा
। लेकिन इस प्रकार आयकर छुट सीमा के बाहर आयकर अधिनियम की धारा 80 और धारा 10 की उपधाराओं अंतर्गत विभिन्न उपायो का लाभ लेकर कर हम अपने आप को आय कर से बचा सकते हैं, जनकारी के लिए हमने 2 सारणी बनायीं है ,यह उपाय एक नागरिक का क़ानूनी अधिकार है                               सुरेशयादव@रतलाम https://adhyapkjagat.blogspot.in/ ब्लॉग और facebook.com/adhyapak.morcha फेसबुक पर फालो करें
                                                            धारा 80 की उपधाराएं                                                                                       
आय कर की धारा
कर मुक्त की गयी राशी
निवेश/व्यय/उपयोग
विशेष विवरण
80 C
1,50,000
जीवन बीमा ,यूलिप प्लान,सुकन्या, ,इ.एल.एस.एस, पीपीएफ, समान्य भविष्य निधि (कर्मचारी का अंशदान) ,राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र (एन एस सी),पंचवर्षीय जमा खाता (FD) ,गृह ऋण वापसी (मूलधन),स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क,शिक्षण शुल्क भुगतान,डाकघर सावधि जमा खाता,इन्फ्रास्ट्रक्चर बांड ,वरिष्ठ नागरिक बचत योजना
राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र (एन एस सी),पंचवर्षीय जमा खाता (FD) से प्राप्त आय कर योग्य होती है
80 CC
कोई सीमा नहीं
पेंशन प्लान अंतर्गत प्राप्त अन्युटी राशी
जैसे NPS में अंतिम भुगतान पर 40% राशी
80 CCC
कोई सीमा नहीं
सरकारी या निजी कंपनी की पेंशन योजना मे निवेश
80C और 80 CC की छुट 1,50,000 से अधिक नहीं होना चहिये
80 CCD 1
1,00,000
राष्ट्रिय पेंशन योजना (NPS) अंतर्गत कर्मचारी का अंशदान
NPSअंतिम भुगतान में 60% राशी करयोग्य है
                         
80 CCD 2
1,00,000
राष्ट्रिय पेंशन योजना (NPS) अंतर्गत नियोक्ता का अंशदान
NPSअंतिम भुगतान में 60% राशी करयोग्य है
80 CCD 1B
50,000
राष्ट्रिय पेंशन योजना (NPS) अंतर्गत कर्मचारी की स्वेच्छिक जमा राशी
यह जमा पूर्णतः स्वेच्छिक हैं
80 CCG
50% या
25,000
जो भी कम हो
राजीव गांधी निवेश योजना अंतर्गत शेयर बाजार में निवेश करने पर
-
80 D
20,000

30,000
मेडिक्लेम पालिसी (स्वय,जीवन साथी,बच्चों की)
आश्रित मातापिता का मेडिक्लेम
पति पत्नी दोनों आयकर के दयारे में है तो लाभ एक को मिलेगा
                                                                                                                                                                
80 DD


75,000
1,25,000
दिव्यांग आश्रित के इलाज या बिमा पालिसी का खर्च
40% से 80%तक विकलांग
80% से अधिक विकलांग
अधिकतम 1,25,000 खर्च
80 DDB

40,000

60,000

80,000
स्वयं या आश्रित के इलाज का खर्च
60 से कम आयु वर्ग के लिए

60 से अधिक आयु वर्ग के लिए

80 से अधिक आयु वर्ग के लिए
धारा 11DD अंतर्गत चिन्हित गंभीर बीमारियों पर खर्च लेकिन अधिकतम 80,000 खर्च
पति पत्नी दोनों आयकर के दयारे में है तो लाभ एक को मिलेगा
80 E
कोई सीमा नहीं
बच्चो और जीवन साथी की उच्च शिक्षा हेतु लिए गए ऋण पर ब्याज की राशी कर मुक्त रहेगी
केवल 8 वर्ष तक के ब्याज को ऋण मुक्त रखा गया है

80 EE
2,50,000
1 अप्रैल 2016 के बाद पह्ली बार गृहस्वामी बनने पर,गृह ऋण की ब्याज राशी कर मुक्त रहेगी 
31 मार्च 2016 से पहले के गृहऋण के ब्याज पर छुट सीमा 2,00,000 थी

80 G
कोई सीमा नहीं
राष्ट्रिय,धर्मिक ,परमार्थ एवं सामाजिक कार्य हेतु दान राशी 50% से 100% कर मुक्त
आयकर विभाग में संस्थाओं की सूचि अनुसार
80 GG
60,000 या वेतन का 25% जो भी कम हो
मकान किराया
यदि वेतन में गृह भाडा भत्ता नहीं मिलता है 
80 GGB
कोई सीमा नहीं
कंपनी द्वारा राजनेतिक दल को दिया गया चंदा
नगद भुगतान को छुट नहीं
80 GGC
कोई सीमा नहीं
व्यक्ति द्वारा राजनेतिक दल को दिया गया चंदा
नगद भुगतान को छुट नहीं
80 RRB
3,00,000
पेटेंट और प्रकाशन की रायल्टी कर मुक्त रहेगी
सरकारी कर्मचारी होने पर विभागीय नियमो अनुसार ही लाभ मिलेगा
80 TTA 1
10,000
बचत खाते का ब्याज
-
80 U


75,000
1,25,000
दिव्यांग व्यक्ति को आयकर से छुट
बिमा ,मेडिक्लेम का व्यय भी

40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग
80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग
सम्पूर्ण आय से घटाई जायेगी






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                      धारा 10 की उपधाराएं                                                                                                                                 
आयकर की धारा
कर मुक्त राशी
निवेश/व्यय/उपयोग
विशेष विवरण
10 (10)
कोई सीमा नहीं
बिमा का बोनस या क्लेम
80DD अंतर्गत बिमा पालिसी लाभ ले लिया है तो लाभ नहीं मिलेगा
10 (10D)
बिमा राशी का 20 % से अधिक नही
बिमा में मनी बैक पालिसी में मिलने वाला पैसा
80 U अन्तरगत लाभ लेने पर लाभ नहीं मिलेगी
10 (13A)
गृह भाडा भत्ता
गृह भाडा भत्ता नहीं मिल रहा है ,तो 80GG अन्तर्गत किराए की राशी कर मुक्त रहेगी
स्वयं के मकान में रह रहे हैं तो गृह भाडा भत्ता
कर योग्य होगा
10 (14)
वेतन के साथ विभिन्न भत्ते
वर्दी भत्ता धुलाई भत्ता,यात्रा भत्ता ,वाहन भत्ता,परिवहन भत्ता,सहायक भत्ता,आदिवासी क्षेत्र भत्ता,बालक शिक्षा भत्ता ,छात्रवास भत्ता ,भूमिगत भत्ता,विकलांग वाहन भत्ता
यात्रा एवं परिवहन भत्ता की अधिकतम सीमा 19,200 है
10 (15)
कोई सीमा नहीं
रिलीफ बांड और पोस्ट ऑफिस के बचत खाते का ब्याज
-
10 (16)
कोई सीमा नहीं
बच्चो को मिलने वाली छात्रवृत्ति
-
10 (23D)
कोई सीमा नहीं
अधिसूचित मुचुअल फंड से आय
-
10 (25)
कोई सीमा नहीं
मान्यता प्राप्त PPF,ग्रेज्युटी की आय

10 (32)
कोई सीमा नहीं
अव्यस्क बच्चो की 15,00 तक आय
15,00 से अधिक की आय माता या पिता की आय  जिसकी आय अधिक होगी से जोड़ी  जायेगी ,
10 (38)
कोई सीमा नहीं
शार्ट टर्म (1 वर्ष से कम) और लॉग टर्म केपिटल गेन ( 1 वर्ष से अधिक ) इक्विटी मुचुअल फंड ,शेयर बाजार में निवेश या किसी भी प्रकार के पूंजीगत निवेश में लाभ
शार्ट टर्म (1 वर्ष से कम) केपिटल गेन पर लाभांश का 15 % कर योग्य है
                         
                                                                                                                                                                                                                                 सुरेशयादव@रतलाम https://adhyapkjagat.blogspot.in/ ब्लॉग और facebook.com/adhyapak.morcha फेसबुक पर फालो करें 



   कर्मचारी आयकर की गणना और जमा कैसे करें
आयकर की गणना विधि को समझने के लिए हम इसको चार चरणों में विभक्त कर सकते हैं ,     
प्रथमचरण, में हम सकल आय (Gross Total Income) ज्ञात करें, इसमें सर्वप्रथम वेतन शीर्ष से आय ज्ञात करें ( वेतन में  सभी प्रकार के कर योग्य भत्ते और वेतन जोड़े जायेंगे जैसे मूल वेतन ,संवर्ग वेतन ,महंगाई भत्ता,अंतरिम राहत ,नगर पुर्ती भत्ता ,नॉन प्रेक्टिस अलाउंस,ओवर टाइम भत्ता ,बोनस,मानदेय, टिफिनभत्ता ,प्रतिनियुक्ति भत्ता,नोकर भत्ता,पेंशन,जीवन निर्वाह भत्ता ,परियोजना भत्ता,चिकित्सभत्ता) जोड़े
।  साथ ही गृह सम्पत्ति से आय ,केपीटल गेन (पूंजी लाभ) अन्य स्त्रोतों से लाभ को भी जोड़ा जाए यह सकल आय हुई । सकल वेतन की गणना में करमुक्त भत्ते (धारा 10 (14) अनुसार) , 80 EE (गृह ऋण का ब्याज ) वृत्तिकर को भी सकल वेतन से कम किया जाएगा । 

दुसरे चरण में,कर योग्य कुल आय (Total Income) की गणना करेंगे ,  कुल आय (Total Income) ज्ञात करने के लिए सकल आय Gross Total Income  में से धारा 80 C,80D,80E,80U  और उसकी उपधाराओं की कटौतियां खर्च या निवेश को कम करेंगे (80 EE को छोड़कर) । 

तीसरे चरण में, कुल आय पर कर (Tax Toatal Income) की गणना की जाती है,इसमे Total Income ज्ञात कर के पर स्लेब अनुसार कर योग्य आय की गणना करते हैं ।  कुल आय यदि 5 लाख या कम है तो धारा 87A अनुसार 5,000 की टेक्स रिबेट मिलेगी ।

चौथे चरण में ,भुगतान योग्य आय कर (Tax Payable) की गणना  अब हम स्लेब अनुसार आयकर राशी की गणना करेंगे , जैसे 10 प्रतिशत 20 प्रतिशत या 30 प्रतिशत जैसा भी लागु होगा ,ज्ञात करेंगे ।
  उसके बाद उस कर योग्य राशी पर 3 प्रतिशत शिक्षा और उच्च शिक्षा उपकर जोड़ देंगे  इस प्रकार (Net Tax Payeble) शुद्ध आयकर भूगतान योग्य राशी ज्ञात होगी ।

एरियर्स पर धारा 89 (i) अंतर्गत राहत की गणना :- कर्मचारियों को एरियर्स (बकाया राशी) पिछले वर्षों का दिया जाता है ,जिसमे कर्मचारियों का कोई दोष नहीं होता है । परन्तु इस कारण स्लेब में अंतर आने से कर्मचारी को आयकर देना पड़ता है । इस लिए शासन ने कर्मचारी को विकल्प दिया है की वह एरियर्स की गणना उस वर्ष की स्लेब अनुसार करवा सकते हैं जिस वर्ष का एरियर्स उन्हें दिया गया है ।
आयकर अधिनियम अंतर्गत कर्मचारियों के आयकर कटौती और जमा करने का दायित्व DDO का है।

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Monday, December 19, 2016

स्पष्ट शासन आदेश के बाद भी त्रुटिपूर्ण वेतन निर्धारण के लिए DDO और अनुमोदन करने वाला अधिकारी जिम्मेदार है शासकीय सेवक नहीं ,वसूली उन्ही से होगी ,DPI का आदेश 16 दिसम्बर 2016

स्पष्ट शासन आदेश के बाद भी त्रुटिपूर्ण वेतन निर्धारण के लिए DDO और अनुमोदन करने वाला अधिकारी जिम्मेदार है शासकीय सेवक नहीं ,वसूली उन्ही से होगी ,DPI का आदेश 16 दिसम्बर 2016

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वसूली के लिए किश्ते निर्धारण करने का आदेश दिनांक 31 मई 2011



दिवंगत अध्यापक संवर्ग के आश्रितो मिलने वाली सुविधाओं का आदेश 18 अक्टूबर 2016

दिवंगत शासकीय सेवको के आश्रितों को  मिलने वाली सुविधाएं समाचार पत्रों में और सुचना पटलो .पर सार्वजनिक करने और अनुग्रह राशी के साथ निम्न प्रपत्र देने का आदेश लोकशिक्षण संचालनालय द्वारा जारी किया गया है ,प्रपत्र से स्पष्ट है की अध्यापक संवर्ग के आश्रितों को संविदा शिक्षक वर्ग 2 के पद पर नियुक्ति प्रदान की जा सकती है .लेकिन नुनतम अर्हताएँ पूर्ण. करनी आवश्यक हैं .




शासन ने ग्रीन कार्ड धारक उम्मीदवार को मिलने वाली सुविधाये संमाप्त की

राज्य शासन ने ग्रीन कार्ड धारक उम्मीदवारों को ,नियुक्ति हेतु आयोजित विभिन्न पात्रता परीक्षाओं  में मिलने वाली सुविधाये समाप्त कर दि  हैं ,अब ग्रीन कार्ड धारका उम्मीदवार को अधितम  आयुसीमा में 2 वर्ष की छुट और साक्षात्कार में अधिकतम 5 प्रतिशत अंक प्रदान नहीं कीये जायेंगे .


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Saturday, December 17, 2016

मध्य प्रदेश में दिव्यांग व्यक्तियों को व्रत्ति कर से 2020 तक मुक्त किया गया है ,इस सम्बन्ध में राजपत्र

 मध्य प्रदेश वृत्तिकर में संशोधन कर के वृत्ति कर की सीमा 1लाख 80 हजार की गयी है वंही दिव्यांग व्यक्तियों को व्रत्ति कर से 2020 तक मुक्त किया गया है ,इस सम्बन्ध में राजपत्र है

वृत्तिकर की सीमा 1 लाख 80 हजार करने का राजपत्र पीडीऍफ़ में प्राप्त करें

वृत्तिकर से दिव्यांग व्यक्तियों को 2014 तक मुक्त करने का राजपत्र पीडीऍफ़ में प्राप्त करें

वृत्तिकर से दिव्यांग व्यक्तियों को 2015 तक मुक्त करने का राजपत्र पीडीऍफ़ में प्राप्त करें

वृत्तिकर से दिव्यांग व्यक्तियों को 2020 तक मुक्त करने का राजपत्र पीडीऍफ़ में प्राप्त करें











Friday, December 16, 2016

अध्‍यापक संवर्ग के अंशदान पेंशन योजना से संबंधित विभिन्‍न कार्यों को आनलाइन कराये जाने के लिए लिपिकों का कंप्‍यूटर प्रशिक्षण भोपाल में

अध्‍यापक संवर्ग के अंशदान पेंशन योजना से संबंधित विभिन्‍न कार्यों को आनलाइन कराये जाने के लिए  लिपिकों  का कंप्‍यूटर प्रशिक्षण भोपाल में करने का आदेश लोक शिक्षण संचलनालय  ने किया हैं
आदेश पीडीऍफ़ में प्राप्त करने के लिए इस लिंक को ओपन करें'


तबादला तो चाहिए अध्यापक को, किन्तु विभाग से या सिर्फ स्थान से ? गहन चिन्तन करे अध्यापक -राशी राठौर देवास

जब भी बात स्थानांतरण की आती है ,प्रदेश के लाखो अध्यापको की आंखे नम हो ही जाती है। यह मामला सीधा परिवार से जुडा है। यदि स्थानांतरण के आंकडे पर सरसरी नजर डाले तो 10 से 15 वर्षो से लाखो अध्यापक तबादले की बाट जोह रहै है। तबादला नीती आती भी है तो पहले वर्षो से प्रतिक्षारत अध्यापक भाई बहन को ही प्राथमिकता दी जायेगी जो सही भी है। मतलब लगभग पिछले 8 वर्षो मै नियुक्त अध्यापक का नम्बर वैसे भी नही लगने वाला। तबादला नीती के नियमानुसार मात्र 20% अध्यापकों की समस्या हल हो पायेगी। 100% ऊर्जा लगाकर 20% रिजल्ट ऊर्जा का हास नही तो क्या है। क्योंकि सरकार की अपनी विवशता है।
अब यदि अध्यापक के संघर्ष की कहानी पर नजर डाले तो हर एक छोटी -छोटी सुविधा के लिए ठंडे खाने पडे है। गुरू जैसे शांत प्राणी को आक्रामक होकर मैदान मै लडना पडा है। युद्ध तो चाणक्य ने भी किया था। किन्तु उनका प्रथम प्रहार ही अंतिम प्रहार था व विजयश्री उनके चरणों थी। छटवेवेतनमान ने अध्यापको को आर्थिक सबल दिया है और वे अपनी परिवारिक जिम्मेदारी निभाने मै पहले से ज्यादा सक्षम है।फिर भी इस बात मै संदेह नही है की तबादला एक भावनात्मक मामला है।किन्तु क्या अनुकम्पा नियुक्ति के बाट जोह रहे परिवार के आंसु भावनात्मक मामला नही है। चाइल्ड केयर लीव भी परिवार और ममत्व से जुडा मामला है। क्या अब सातवें वेतनमान के लिए अध्यापको को नही लडना पडेगा। तो कब तक हम इसी तरह लडाकू योद्धा की भूमिका अदा करते रहेंगे।अध्यापको को समान काम का समान दाम तो मिला है ,पर समान नाम और समान विभाग नही मिला। जिनके काम का हम खाते है, जिनका हुकम हम बजाते है(शिक्षा विभाग) ये हमारा दुर्भाग्य ही हो तो है कि हम उनके कुछ नही कहलाते है। विभिन्न सुविधाओं से वंचित सिर्फ एक लाइन लिखकर कर दिया जाता है की आप विभाग के कर्मचारी नही है। अध्यापको को का अंतिम प्रहार शिक्षा विभाग प्राप्त करने के लिऐ होना चाहिए इस एक लक्ष्य को साधने से तबादला, अनुकम्पा, चाइल्ड केयर लीव ही नही बल्कि सातवां वेतनमान की समस्या भी स्वतः ही सध जायेगी।( लेखिका स्वयं अध्य्यापक है,और यह उनके निजी विचार है)

15 अक्टूबर 2016 के वेतन गणना पत्रका में विसंगतियां ,सुधार कैसे हो ?




 

Thursday, December 15, 2016

लोकशिक्षण संचालनालय ने जिलो में कार्यरत अध्यापक संवर्ग की अंशदायी पेंशन योजना संबधी जानकारी बुलाई

लोकशिक्षण संचालनालय ने जिलो में कार्यरत अध्यापक संवर्ग की जानकारी मांगी है ,जानकारी में कार्यरत ,प्राण कार्ड बने और ,पान किट नहीं आई है या पुचा गया है ,जनकारी DDO स्तर तक की मांगी गयी है ,विभा ने सभी DEO को कहा है की आगामी बैठक में जानकारी साथ में लायें .
आदेश पीडीऍफ़ में देखने के लिए इस लिंक को ओपन करें


Wednesday, December 14, 2016

कर्मचारियों के लिए आयकर और वृत्ति कर की समस्त जानकारियाँ -सुरेश यादव रतलाम






सम्माननीय साथियों ,सादर वन्दे,
जनवरी माह आने वाला है ,इसके साथ ही हमारे वेतन से विभिन्न प्रकार की कर कटोतीयां भी प्रारम्भ होने लगेंगी, आप के मन में इस विषय को लेकर कई प्रश्न होगें उनका जवाब और अधिकतम जानकारी जुटाने का, का प्रयास किया है  आप इसे अंतिम जानकारी न समझें
वृत्तिकर (राज्य सरकार का कर)
मध्यप्रदेश की सीमाओं के भीतर जिविकाउपार्जन करने के वाले प्रत्येक व्यक्ति पर लागु होता है ,जो निजी क्षेत्र,सार्वजनिक क्षेत्र ,निकायों ,सरकारी क्षेत्र,केन्द्रीय सरकार ,भारतीय रेल ,केंद्र सरकार के उपक्रम में वेतन या मजदूरी पर नियोजित हो अथवा स्वयं के व्यवसाय से आय अर्जित करता हो उस पर यह कर लागु होता है ।कृषि आय,बोनस ,पेंशन और उपादान (ग्रेज्युटी) को इस कर से मुक्त रखा गया है ।निशक्त कर्मचारियो को 2020 तक वृत्ति कर से मुक्त रखा गया है
        वृत्तिकर की दर ( 1 अप्रैल 2013 से लागु )
           

             आय प्रतिवर्ष
           कर की दर प्रतिवर्ष
रूपये 180000 तक
कुछ नहीं
रूपये 180001 से अधिक
रूपये 2500 प्रतिवर्ष

             आयकर (केन्द्रीयकर)

वेतन,पेंशन,मकान-संपत्ति से आय,व्यापर,केपिटल गेन ,अन्य स्त्रोत से आय को आयकर गणना में लिया जाताहै ,कृषि आय को छोड़कर ।
  60 वर्ष तक के महिला/पुरषों के लिए वित्त वर्ष 2016-17 की आयकर स्लेब



आय की सीमा
आयकर की दरें
शिक्षा+उच्चशिक्षा उपकर
2,50,000 तक
निरंक
-
2,50,001 से 5,00,000 तक
10 प्रतिशत
करयोग्य राशी का 3 प्रतिशत
5,00,001 से 10,00,000 तक
20 प्रतिशत
करयोग्य राशी का 3 प्रतिशत
10,00,001 से अधिक
30 प्रतिशत
करयोग्य राशी का 3 प्रतिशत





     5 लाख तक की आय पर टेक्स रिबेट 5000 रहेगी,उदहारण के लिए आप की आय 5 लाख रूपये है और आप की कुल कर योग्य राशी 25000 हुई तो आप को केवल 20000 रूपये ही आयकर के जमाँ करने होंगे इस पर 600 रूपये शिक्षा उपकर लगेगा
। लेकिन इस प्रकार आयकर छुट सीमा के बाहर आयकर अधिनियम की धारा 80 और धारा 10 की उपधाराओं अंतर्गत विभिन्न उपायो का लाभ लेकर कर हम अपने आप को आय कर से बचा सकते हैं, जनकारी के लिए हमने 2 सारणी बनायीं है ,यह उपाय एक नागरिक का क़ानूनी अधिकार है                               सुरेशयादव@रतलाम https://adhyapkjagat.blogspot.in/ ब्लॉग और facebook.com/adhyapak.morcha फेसबुक पर फालो करें
                                                            धारा 80 की उपधाराएं                                                                                       
आय कर की धारा
कर मुक्त की गयी राशी
निवेश/व्यय/उपयोग
विशेष विवरण
80 C
1,50,000
जीवन बीमा ,यूलिप प्लान,सुकन्या, ,इ.एल.एस.एस, पीपीएफ, समान्य भविष्य निधि (कर्मचारी का अंशदान) ,राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र (एन एस सी),पंचवर्षीय जमा खाता (FD) ,गृह ऋण वापसी (मूलधन),स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क,शिक्षण शुल्क भुगतान,डाकघर सावधि जमा खाता,इन्फ्रास्ट्रक्चर बांड ,वरिष्ठ नागरिक बचत योजना
राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र (एन एस सी),पंचवर्षीय जमा खाता (FD) से प्राप्त आय कर योग्य होती है
80 CC
कोई सीमा नहीं
पेंशन प्लान अंतर्गत प्राप्त अन्युटी राशी
जैसे NPS में अंतिम भुगतान पर 40% राशी
80 CCC
कोई सीमा नहीं
सरकारी या निजी कंपनी की पेंशन योजना मे निवेश
80C और 80 CC की छुट 1,50,000 से अधिक नहीं होना चहिये
80 CCD 1
1,00,000
राष्ट्रिय पेंशन योजना (NPS) अंतर्गत कर्मचारी का अंशदान
NPSअंतिम भुगतान में 60% राशी करयोग्य है
                         
80 CCD 2
1,00,000
राष्ट्रिय पेंशन योजना (NPS) अंतर्गत नियोक्ता का अंशदान
NPSअंतिम भुगतान में 60% राशी करयोग्य है
80 CCD 1B
50,000
राष्ट्रिय पेंशन योजना (NPS) अंतर्गत कर्मचारी की स्वेच्छिक जमा राशी
यह जमा पूर्णतः स्वेच्छिक हैं
80 CCG
50% या
25,000
जो भी कम हो
राजीव गांधी निवेश योजना अंतर्गत शेयर बाजार में निवेश करने पर
-
80 D
20,000

30,000
मेडिक्लेम पालिसी (स्वय,जीवन साथी,बच्चों की)
आश्रित मातापिता का मेडिक्लेम
पति पत्नी दोनों आयकर के दयारे में है तो लाभ एक को मिलेगा
                                                                                                                                                                
80 DD


75,000
1,25,000
दिव्यांग आश्रित के इलाज या बिमा पालिसी का खर्च
40% से 80%तक विकलांग
80% से अधिक विकलांग
अधिकतम 1,25,000 खर्च
80 DDB

40,000

60,000

80,000
स्वयं या आश्रित के इलाज का खर्च
60 से कम आयु वर्ग के लिए

60 से अधिक आयु वर्ग के लिए

80 से अधिक आयु वर्ग के लिए
धारा 11DD अंतर्गत चिन्हित गंभीर बीमारियों पर खर्च लेकिन अधिकतम 80,000 खर्च
पति पत्नी दोनों आयकर के दयारे में है तो लाभ एक को मिलेगा
80 E
कोई सीमा नहीं
बच्चो और जीवन साथी की उच्च शिक्षा हेतु लिए गए ऋण पर ब्याज की राशी कर मुक्त रहेगी
केवल 8 वर्ष तक के ब्याज को ऋण मुक्त रखा गया है

80 EE
2,50,000
1 अप्रैल 2016 के बाद पह्ली बार गृहस्वामी बनने पर,गृह ऋण की ब्याज राशी कर मुक्त रहेगी 
31 मार्च 2016 से पहले के गृहऋण के ब्याज पर छुट सीमा 2,00,000 थी

80 G
कोई सीमा नहीं
राष्ट्रिय,धर्मिक ,परमार्थ एवं सामाजिक कार्य हेतु दान राशी 50% से 100% कर मुक्त
आयकर विभाग में संस्थाओं की सूचि अनुसार
80 GG
60,000 या वेतन का 25% जो भी कम हो
मकान किराया
यदि वेतन में गृह भाडा भत्ता नहीं मिलता है 
80 GGB
कोई सीमा नहीं
कंपनी द्वारा राजनेतिक दल को दिया गया चंदा
नगद भुगतान को छुट नहीं
80 GGC
कोई सीमा नहीं
व्यक्ति द्वारा राजनेतिक दल को दिया गया चंदा
नगद भुगतान को छुट नहीं
80 RRB
3,00,000
पेटेंट और प्रकाशन की रायल्टी कर मुक्त रहेगी
सरकारी कर्मचारी होने पर विभागीय नियमो अनुसार ही लाभ मिलेगा
80 TTA 1
10,000
बचत खाते का ब्याज
-
80 U


75,000
1,25,000
दिव्यांग व्यक्ति को आयकर से छुट
बिमा ,मेडिक्लेम का व्यय भी

40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग
80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग
सम्पूर्ण आय से घटाई जायेगी






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                      धारा 10 की उपधाराएं                                                                                                                                 
आयकर की धारा
कर मुक्त राशी
निवेश/व्यय/उपयोग
विशेष विवरण
10 (10)
कोई सीमा नहीं
बिमा का बोनस या क्लेम
80DD अंतर्गत बिमा पालिसी लाभ ले लिया है तो लाभ नहीं मिलेगा
10 (10D)
बिमा राशी का 20 % से अधिक नही
बिमा में मनी बैक पालिसी में मिलने वाला पैसा
80 U अन्तरगत लाभ लेने पर लाभ नहीं मिलेगी
10 (13A)
गृह भाडा भत्ता
गृह भाडा भत्ता नहीं मिल रहा है ,तो 80GG अन्तर्गत किराए की राशी कर मुक्त रहेगी
स्वयं के मकान में रह रहे हैं तो गृह भाडा भत्ता
कर योग्य होगा
10 (14)
वेतन के साथ विभिन्न भत्ते
वर्दी भत्ता धुलाई भत्ता,यात्रा भत्ता ,वाहन भत्ता,परिवहन भत्ता,सहायक भत्ता,आदिवासी क्षेत्र भत्ता,बालक शिक्षा भत्ता ,छात्रवास भत्ता ,भूमिगत भत्ता,विकलांग वाहन भत्ता
यात्रा एवं परिवहन भत्ता की अधिकतम सीमा 19,200 है
10 (15)
कोई सीमा नहीं
रिलीफ बांड और पोस्ट ऑफिस के बचत खाते का ब्याज
-
10 (16)
कोई सीमा नहीं
बच्चो को मिलने वाली छात्रवृत्ति
-
10 (23D)
कोई सीमा नहीं
अधिसूचित मुचुअल फंड से आय
-
10 (25)
कोई सीमा नहीं
मान्यता प्राप्त PPF,ग्रेज्युटी की आय

10 (32)
कोई सीमा नहीं
अव्यस्क बच्चो की 15,00 तक आय
15,00 से अधिक की आय माता या पिता की आय  जिसकी आय अधिक होगी से जोड़ी  जायेगी ,
10 (38)
कोई सीमा नहीं
शार्ट टर्म (1 वर्ष से कम) और लॉग टर्म केपिटल गेन ( 1 वर्ष से अधिक ) इक्विटी मुचुअल फंड ,शेयर बाजार में निवेश या किसी भी प्रकार के पूंजीगत निवेश में लाभ
शार्ट टर्म (1 वर्ष से कम) केपिटल गेन पर लाभांश का 15 % कर योग्य है
                         
                                                                                                                                                                                                                                 सुरेशयादव@रतलाम https://adhyapkjagat.blogspot.in/ ब्लॉग और facebook.com/adhyapak.morcha फेसबुक पर फालो करें 



   कर्मचारी आयकर की गणना और जमा कैसे करें
आयकर की गणना विधि को समझने के लिए हम इसको चार चरणों में विभक्त कर सकते हैं ,     
प्रथमचरण, में हम सकल आय (Gross Total Income) ज्ञात करें, इसमें सर्वप्रथम वेतन शीर्ष से आय ज्ञात करें ( वेतन में  सभी प्रकार के कर योग्य भत्ते और वेतन जोड़े जायेंगे जैसे मूल वेतन ,संवर्ग वेतन ,महंगाई भत्ता,अंतरिम राहत ,नगर पुर्ती भत्ता ,नॉन प्रेक्टिस अलाउंस,ओवर टाइम भत्ता ,बोनस,मानदेय, टिफिनभत्ता ,प्रतिनियुक्ति भत्ता,नोकर भत्ता,पेंशन,जीवन निर्वाह भत्ता ,परियोजना भत्ता,चिकित्सभत्ता) जोड़े
।  साथ ही गृह सम्पत्ति से आय ,केपीटल गेन (पूंजी लाभ) अन्य स्त्रोतों से लाभ को भी जोड़ा जाए यह सकल आय हुई । सकल वेतन की गणना में करमुक्त भत्ते (धारा 10 (14) अनुसार) , 80 EE (गृह ऋण का ब्याज ) वृत्तिकर को भी सकल वेतन से कम किया जाएगा । 

दुसरे चरण में,कर योग्य कुल आय (Total Income) की गणना करेंगे ,  कुल आय (Total Income) ज्ञात करने के लिए सकल आय Gross Total Income  में से धारा 80 C,80D,80E,80U  और उसकी उपधाराओं की कटौतियां खर्च या निवेश को कम करेंगे (80 EE को छोड़कर) । 

तीसरे चरण में, कुल आय पर कर (Tax Toatal Income) की गणना की जाती है,इसमे Total Income ज्ञात कर के पर स्लेब अनुसार कर योग्य आय की गणना करते हैं ।  कुल आय यदि 5 लाख या कम है तो धारा 87A अनुसार 5,000 की टेक्स रिबेट मिलेगी ।

चौथे चरण में ,भुगतान योग्य आय कर (Tax Payable) की गणना  अब हम स्लेब अनुसार आयकर राशी की गणना करेंगे , जैसे 10 प्रतिशत 20 प्रतिशत या 30 प्रतिशत जैसा भी लागु होगा ,ज्ञात करेंगे ।
  उसके बाद उस कर योग्य राशी पर 3 प्रतिशत शिक्षा और उच्च शिक्षा उपकर जोड़ देंगे  इस प्रकार (Net Tax Payeble) शुद्ध आयकर भूगतान योग्य राशी ज्ञात होगी ।

एरियर्स पर धारा 89 (i) अंतर्गत राहत की गणना :- कर्मचारियों को एरियर्स (बकाया राशी) पिछले वर्षों का दिया जाता है ,जिसमे कर्मचारियों का कोई दोष नहीं होता है । परन्तु इस कारण स्लेब में अंतर आने से कर्मचारी को आयकर देना पड़ता है । इस लिए शासन ने कर्मचारी को विकल्प दिया है की वह एरियर्स की गणना उस वर्ष की स्लेब अनुसार करवा सकते हैं जिस वर्ष का एरियर्स उन्हें दिया गया है ।
आयकर अधिनियम अंतर्गत कर्मचारियों के आयकर कटौती और जमा करने का दायित्व DDO का है।

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