Thursday, April 21, 2016

शिक्षक को बदनाम करने का षड्यंत्र :- राजिव लावानिया

कुछ दिन पहले वीईआर सर्वे को लेकर एक खबर दो समाचार पत्रो में प्रकाशित हुआ एक में तो ,शीर्षक ही इस प्रकार बनाया गया है की अब तक शिक्षक समाज वीईआर सर्वे में फर्जीवाड़ा करता आया है ।
यह समाचार पढ़ कर अध्यापक/शिक्षक समाज का खून नहीं खोलता ? क्या इससे पहले आज तक पूरा शिक्षक समाज फर्जीवाड़ा कर रहा था ? क्या सोच के इस तरह की समाचार  अखबारो में प्रकाशित किये  जा रहे हैं ?
इसके पीछे मंशा कुछ है ,जो हम अभी समझ ही नहीं पा रहे हैं। एक तो हर तरह के गैर शिक्षकीय कार्य हमसे कराये जा रहे हैं ऊपर से हर काम में यह जताया जाता हे की शिक्षक वर्ग इन कार्यो में फर्जीवाड़ा करते हैं। अब जबकि हर साल छुट्टियों को लगभग खत्म करके कार्य कराये जाते रहे हैं। ऊपर से इस तरह की भाषा का प्रयोग आपत्तिजनक है । मुझे लगता हे बहुत जल्दी ही हमें अपनी हर छोटी बड़ी बात के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाना होगा।  अपनी छुट्टी बचाने के लिए भी।
इस तरह की भाषा और समाचार ने हमारे सम्मान पर एक और कील ठोक दी हे।  साथियों  बहुत ही दुःख की बात है की इस प्रकार के समाचारों को हमारे ही साथी  सोश्यल मिडिया में फैलाते हैं जबकि हमे इस प्रकार के समाचरो का बहिष्कार करना चाहिए ।
राजिव लवानिया
लेखक राज्य अध्यापक संघ रतलाम के जिला सचिव है ।यह लेखक के निजी विचार हैं।
नॉट :- उक्त समाचार हमने  कर इस पोस्ट के साथ जानबूझ कर साझा नहीं किया  है । समाचार प्रकाशित करने वाले अखबार समूह द्वारा इंदौर भोपाल में कई विद्यालय और कॉलेज संचालित किये जा रहे है ।

Wednesday, April 20, 2016

शालाओं में स्‍वीकृत पदों के अनुरूप पदस्‍थापना सुनि‍श्‍चि‍त करना 02/08/2010

शालाओं में स्‍वीकृत पदों के अनुरूप पदस्‍थापना सुनि‍श्‍चि‍त करना 02/08/2010 

आदेश के लिए यह लिंक ओपन करें

शिक्षा का व्यापारीकरण:- सियाराम पटेल

शिक्षा का व्यापारीकरणव्यापारीकरण, व्यवसायीकरण तथा निजीकरण ने शिक्षा क्षेत्र को अपनी जकड़ में ले लिया है। मण्डी में शिक्षा क्रय-विक्रय की वस्तु बनती जा रही है। इसे बाजार में निश्चित शुल्क से अधिक धन (Capitationfee) देकर खरीदा जा सकता है। परिणामत: शिक्षा में एक भिन्न प्रकार की जाति प्रथा जन्म ले रही है जो धन के आधार पर आई.आई.टी, एम.बी.ए., सी.ए. एम.बी.बी.एस आदि उपाधियों के लिये प्रवेश पा कर उच्च भावना से ग्रस्त ओैर धनाभाव के कारण प्रवेश से वंचित हीनभावना से ग्रस्त रहते है। दोनो ही श्रेणियों के छात्र ग्रस्त है। असमानता की खाई बढ़ रही है। सामाजिक असंतुलन और विषमता इस का ही परिणाम है।सामाजिक विज्ञान तथा मानविकी विषयों की उपेक्षा करना देश की उन्नति कें लिए हानिकारक है, और साथ ही इस दृष्टि से शोध को भी दुर्लक्ष करना और भी घातक है। पारम्परिक ज्ञान की ओर ध्यान न देना और शिक्षा को बाजारीकरण की शक्तियों के आधीन करना देश के लिए खतरनाक है।बाजारवादी नुस्खों में कई निहितार्थ छिपे है। एक तो यह सरकार ने मान लिया है कि देश के सभी बच्चों को शिक्षित करने का काम उसी का नहीं है। शिक्षा को बाजार का उन्मुक्त स्वरुप देने में क्रय-विक्रय की क्षमता रखने वाले छात्रों के लिए गुणवत्ताापूर्ण शिक्षा मिलेगी। शेष के लिए नहीं।शिक्षा के अधिकार पर धन और बल का अधिकार रहेगा, भेदभा।  बढ़ेगा। स्पष्ट है निजीकरण के माध्यम से कभी भी शिक्षा के लक्ष्य  को प्राप्त नहीं किया जा सकता। कोचिंग के बाजार में कई घटिया, गैरमान्यता प्राप्त, फर्जी शिक्षा की  दुकानें खुलती जा रही हैं। इन सबको रोकना बहुत बड़ी चुनौती है। देश में 125 डीम्ड विश्वविद्यालय हैं,  इनके 102।  निजी स्वामित्व वाले संस्थान है।   इन्होंने उच्च शिक्षा को मुनाफे का धन्धा बना दिया है। आन्धप्रदेश में 600 से अधिक निजी  इन्जीनियरिंग महाविद्यालय, कर्नाटक में यह संख्या 170 है, उड़ीसा में 81, राजस्थान में 80 है। इस परिदृश्य से जो स्थिति  उपस्थित हुई, इस कारण आर्थिक व सामाजिक आधार पर भी शिक्षा विभाजित हुई है।
शिक्षा पर मुनाफा कमाने पर रोक, धनवान तथा आर्थिक दृष्टि से पिछड़े सभी छात्रों के लिए अच्छी शिक्षा दिलाने का संकल्प, शिक्षा  इन सबको स्वीकार करे। राजनीति की चेरी बने रहने से इसे छुटकारा मिले। देशभक्ति, स्वास्थ्य-संरक्षण, सामाजिक संवदेनशीलता तथा आध्यात्मिक यह शिक्षा के भव्य भवन के चार स्तम्भ हैं।  इनको राष्ट्रीय शिक्षा की नीति में घोषित कर, स्वायत्ता शिक्षा को संवैधानिक स्वरुप प्रदान करना चाहिए। इन  सब उपायों से शिक्षा की चुनौतियों का मुकाबला किया जा सकता है। शिक्षा बाजार नहीं अपितु मानव मन को तैयार करने का उदात्ता  सांचा है। जितनी जल्दी हम इस तथ्य को समझेंगे उतना ही शिक्षा का भला होगा।  
सियाराम पटेल                         

लेखक राज्य अध्यापक संघ की आई टी सेल के सदस्य है ,और नरसिहपुर  जिले  में कार्यरत है ।यह लेखक के निजी विचार है ।                           

राज्य अध्यापक संघ मंडला की पहल नविन पेंशन प्रणाली के मिसिंग कटोत्रे का होगा समायोजन

मंडला :- अध्यापकों के लिये 1 अप्रैल 2011 से अंशदायी पेंशन योजना लागू है लेकिन योजना में कई विसंगतियों के चलते अध्यापकों को बड़ी आर्थिक क्षति झेलनी पड़ रही है। कई अध्यापकों के  खाते से कर्मचारी का अंशदान तो कट गया पर एन एस डी एल में जमा नहीं हुआ , कई अध्यापकों के प्रान नम्बर विलम्ब से जारी हुये जिसके कारण अंशदायी पेंशन योजना का लाभ नहीं मिलां। कई डीडीओ जानकारी के अभाव में गलत हेड से कटौती करते रहे जिसके कारण अध्यापकों को आर्थिक क्षति हुई है। 



उक्त विसंगतियों के मद्देनजर राज्य अध्यापक संघ की जिला इकाई ने आयुक्त आदिवासी विकास भोपाल द्वारा उपरोक्त कारणों से हुई मिसिंग अंशदान के समायोजन के लिये 4 अप्रैल 2015 को आदेश जारी किया गया है ,लेकिन आहरण संवितरण अधिकारियों की उदासीनता के चलते एक भी अध्यापक के मिसिंग अंशदान का समायोजन नहीं हुआ। मिसिंग कटौती के समायोजन के लिए  कुछ डीडीओ ने कोषालय में देयक प्रस्तुत किये तो कोषालय ने यह कहकर देयक लौटा दिये कि अध्यापकों का कटौत्रा कोषालय से नहीं होता। 

राज्य अध्यापक संघ की जिला इकाई ने इस समस्या के निराकरण हेतु सर्वप्रथम सहायक आयुक्त डाॅ संतोष शुक्ला से चर्चा कर सभी डीडीओ के लिये सख्त निर्देश जारी करवाये कि वे अध्यापकों के मिसिंग अंशदान के देयक 10 दिवस के अंदर कोषालय में प्रस्तुत करें। अध्यापकों के प्रतिनिधि मण्डल ने जिला कोषालय अधिकारी तेज नारायणसिंह,सहायक कोषालय अधिकारी चेतन सिंह सराफ,देवसिंह धुर्वे और उ.श्रै.लि.डी.एस. राजपूत सभी से संयुक्त चर्चा की और आयुक्त के आदेशानुसार देयक कोषालय में लिये जाने का आग्रह किया सभी अधिकारियों ने कहा कि यदि निर्देशानुसार देयक प्रस्तुत किये जायेंगें तो कोषालय उसे स्वीकार्य करेगा। प्रतिनिधि मण्डल में डी.के.सिंगौर,रवीन्द्र चैरसिया, संजीव सोनी,अमरसिंह चंदेला,विनोद गोयल,मंशाराम झारिया,चंद्रशेखर तिवारी,सुनील नामदेव आदि उपस्थित थे। जिला कोषालय में इस संबद्ध में जल्द ही आदेश जारी किये जा रहे है। 


नोट :-  मिसिंग कटौती का समायोजन करवाने के लिए अध्यापकों को स्वय  पहल करनी होगी ,जो इस विसंगति से प्रभावित हुए है। मिसिंग कटोत्रा में दो स्थिति , मान्य की गयी है।  पहली , अध्यापक संवर्ग में आने के बाद से अध्यापक के अंशदान का कटोत्रा नहीं होना। दूसरी , आप का अंशदान तो कटा लेकिन सरकारी जानकारी के अनुसार आप का पैसा नहीं कटा ।  पहली  स्थिति के लिए अध्यापक को अपनि जानकारी DDO को देनी होगी दूसरी के लिए आप का पुराना  पैसा एक साथ कटेगा और सरकार भी पैसा एक साथ जमा करेगी। 


विद्यालयो में स्वीकृ पद संरचना अनुसार पदस्थापना करने के सम्ब्न्ध में समस्त आदेश

विद्यालयो में स्वीकृत  पद संरचना अनुसार पदस्थापना करने के सम्ब्न्ध में समस्त आदेश
निचे दी  गयी लिंक को ओपन करते जाइये

1 पदसंरचना अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने बाबत 22/05/2010

2शालाओं में स्‍वीकृत पदों के अनुरूप पदस्‍थापना सुनि‍श्‍चि‍त करना 02/08/2010

3 हाई स्कुल ,हायर सेकेंडरी में नविन पद संरचना अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने बाबत 11/03/2013

4 भाषा शिक्षक की पदस्थापना करने बाबद दिनाक 13/03/2013

5 पदसंरचना अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने बाबत 08/09/2014

भाषा शिक्षक की पदस्थापना करने बाबद दिनाक 13/03/2013

भाषा शिक्षक की पदस्थापना करने बाबद दिनाक 13/03/2013 

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Tuesday, April 19, 2016

हाई स्कुल ,हायर सेकेंडरी में नविन पद संरचना अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने बाबत 11/03/2013

हाई स्कुल ,हायर सेकेंडरी में नविन पद संरचना  अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने बाबत 11/03/2013 

आदेश के लिए यंह लिंक ओपन क़रे

पदसंरचना अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने बाबत 08/09/2014


 पदसंरचना अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने बाबत 08/09/2014

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पदसंरचना अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने बाबत 22/05/2010

पदसंरचना अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने बाबत 22/05/2010
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अध्‍यापकों के वि‍रूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करने बावत् 18/09/2015


हड़ताली अध्‍यापकों के वि‍रूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करने बावत्  18 /09/2015 


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हड़ताली अध्‍यापकों के वि‍रूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करने बावत् 24 /09/2015


हड़ताली अध्‍यापकों के वि‍रूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करने बावत् 24 /09/2015 


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अध्यापक संवर्ग में पदोन्नति के लिए अब तक जारी समस्त शासनादेश ,पत्र और मार्गदर्शन

आप निचे दी गयी लिंक को ओपन करते जाइये और पदोन्नति और वरिष्ठता सूचि से जुड़े सभी आदेश प्राप्त करे ।

1 
अध्‍यापक संवर्ग की वरि‍ष्‍ठता सूची का संधारण एवं पदोन्‍नि‍त के संबंध में जारी DPI का आदेश दिनाक 02 /01 /2010


2 अध्‍यापक संवर्ग में पदोन्नति की समीक्षा के लिए 05/08/2010
3 अध्‍यापक संवर्ग की विषयवार वरि‍ष्‍ठता सूची का संधारण करने के संबंध में 13/07/2011

4 नगरीय निकायों में अध्‍यापक संवर्ग की पदोन्नति /क्रमोन्नति करने बाबद DPI का आदेश दिनांक 01/01/2013

5 अध्‍यापक संवर्ग में संवि‍दा शाला शि‍क्षकों को नि‍युक्‍ति‍  दि‍नांक से वरि‍ष्‍ठता देने के संबंध में । (पंचायत एवं ग्रामीण वि‍कास वि‍भाग) 20/02/2013

6 अध्‍यापक संवर्ग में संवि‍दा शाला शि‍क्षकों को नि‍युक्‍ति‍ दि‍नांक से वरि‍ष्‍ठता देने के संबंध में । (नगरीय प्रशासन एवं वि‍कास वि‍भाग) 20/02/2013
7 अध्‍यापक संवर्ग की पदोन्‍नति हेतु वरि‍ष्‍ठता सूची के निर्धारण के संबंध में DPI का मार्गदर्शन दिनांक 26/03/2014
8 अध्यापक संवर्ग मैं पदोन्नति के लिये आयुक्त आदिवासी विकास का मार्गदर्शन ( DPI के पत्र का पृष्ठांकन ) 26/09/2015

अध्‍यापक संवर्ग में संवि‍दा शाला शि‍क्षकों को नि‍युक्‍ति‍ दि‍नांक से वरि‍ष्‍ठता नगरीय 20/02/2013

अध्‍यापक संवर्ग में संवि‍दा शाला शि‍क्षकों को नि‍युक्‍ति‍ दि‍नांक से वरि‍ष्‍ठता देने के संबंध में । (नगरीय प्रशासन एवं वि‍कास वि‍भाग) 20/02/2013
आदेश प्राप्त करने के लिए यंहा क्लिक करें 



अध्‍यापक संवर्ग में संवि‍दा शाला शि‍क्षकों को नि‍युक्‍ति‍ दि‍नांक से वरि‍ष्‍ठता पंचायत 20/02/2013

अध्‍यापक संवर्ग में संवि‍दा शाला शि‍क्षकों को नि‍युक्‍ति‍ दि‍नांक से वरि‍ष्‍ठता देने के संबंध में । (पंचायत एवं ग्रामीण वि‍कास वि‍भाग) 20/02/2013
आदेश प्राप्त करने के लिए यंहा क्लिक करें 




अध्यापक संवर्ग मैं पदोन्नति के लिये मार्गदर्शन 26/09/2015

अध्यापक संवर्ग मैं पदोन्नति के लिये आयुक्त आदिवासी विकास का मार्गदर्शन ( DPI के पत्र का पृष्ठांकन  ) 26/09/2015
आदेश प्राप्त  करने के लिए यंहा क्लिक करें





अध्‍यापक संवर्ग की पदोन्‍नति हेतु वरि‍ष्‍ठता सूची के निर्धारण के संबंध में मार्गदर्शन 26/03/2014

अध्‍यापक संवर्ग की पदोन्‍नति हेतु वरि‍ष्‍ठता सूची के निर्धारण के संबंध में DPI का मार्गदर्शन दिनांक 26/03/2014 

आदेश प्राप्त करने के लिए यंहा क्लिक करें 




नगरीय निकायों में अध्‍यापक संवर्ग की पदोन्नति 01/01/2013

नगरीय निकायों में अध्‍यापक संवर्ग की  पदोन्नति /क्रमोन्नति करने  बाबद  DPI का आदेश दिनांक 01/01/2013

आदेश प्राप्त करने के लिए यंहा क्लिक करें





अध्‍यापक संवर्ग में पदोन्नति की समीक्षा के लिए 05/08/2010

अध्‍यापक संवर्ग में पदोन्नति  की समीक्षा के लिए जारी आदेश 05/08/2010

आदेश प्राप्त करने के लिए यंहा क्लिक करें 



अध्‍यापक संवर्ग की विषयवार वरि‍ष्‍ठता सूची का संधारण करने के संबंध में 13/07/2011

अध्‍यापक संवर्ग की  विषयवार वरि‍ष्‍ठता सूची का संधारण करने के संबंध में 13/07/2011 जारी DPI का  आदेश  आदेश प्राप्त करने के लिए 

DPI का आदेश प्राप्त करने के लिए यंहा क्लिक करें



अध्‍यापक संवर्ग की वरि‍ष्‍ठता सूची का संधारण एवं पदोन्‍नि‍त के संबंध में जारी DPI का आदेश दिनाक 02 /01 /2010





अध्‍यापक संवर्ग की वरि‍ष्‍ठता सूची का संधारण एवं पदोन्‍नि‍त के संबंध में जारी मंत्रालय का आदेश, इसमें वरिष्ठता सूचि संधारण करने और पदोन्नति की कार्यवाही कर के  के  विस्तृत निर्देश है। 

अध्‍यापक संवर्ग की वरि‍ष्‍ठता सूची का संधारण एवं पदोन्‍नि‍त के संबंध में जारी मंत्रालय का आदेश दिनाक 02 /01 /2009 ,PDF में प्राप्त करने के लिए यंहा क्लिक करें। 




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Thursday, April 21, 2016

शिक्षक को बदनाम करने का षड्यंत्र :- राजिव लावानिया

कुछ दिन पहले वीईआर सर्वे को लेकर एक खबर दो समाचार पत्रो में प्रकाशित हुआ एक में तो ,शीर्षक ही इस प्रकार बनाया गया है की अब तक शिक्षक समाज वीईआर सर्वे में फर्जीवाड़ा करता आया है ।
यह समाचार पढ़ कर अध्यापक/शिक्षक समाज का खून नहीं खोलता ? क्या इससे पहले आज तक पूरा शिक्षक समाज फर्जीवाड़ा कर रहा था ? क्या सोच के इस तरह की समाचार  अखबारो में प्रकाशित किये  जा रहे हैं ?
इसके पीछे मंशा कुछ है ,जो हम अभी समझ ही नहीं पा रहे हैं। एक तो हर तरह के गैर शिक्षकीय कार्य हमसे कराये जा रहे हैं ऊपर से हर काम में यह जताया जाता हे की शिक्षक वर्ग इन कार्यो में फर्जीवाड़ा करते हैं। अब जबकि हर साल छुट्टियों को लगभग खत्म करके कार्य कराये जाते रहे हैं। ऊपर से इस तरह की भाषा का प्रयोग आपत्तिजनक है । मुझे लगता हे बहुत जल्दी ही हमें अपनी हर छोटी बड़ी बात के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाना होगा।  अपनी छुट्टी बचाने के लिए भी।
इस तरह की भाषा और समाचार ने हमारे सम्मान पर एक और कील ठोक दी हे।  साथियों  बहुत ही दुःख की बात है की इस प्रकार के समाचारों को हमारे ही साथी  सोश्यल मिडिया में फैलाते हैं जबकि हमे इस प्रकार के समाचरो का बहिष्कार करना चाहिए ।
राजिव लवानिया
लेखक राज्य अध्यापक संघ रतलाम के जिला सचिव है ।यह लेखक के निजी विचार हैं।
नॉट :- उक्त समाचार हमने  कर इस पोस्ट के साथ जानबूझ कर साझा नहीं किया  है । समाचार प्रकाशित करने वाले अखबार समूह द्वारा इंदौर भोपाल में कई विद्यालय और कॉलेज संचालित किये जा रहे है ।

Wednesday, April 20, 2016

शालाओं में स्‍वीकृत पदों के अनुरूप पदस्‍थापना सुनि‍श्‍चि‍त करना 02/08/2010

शालाओं में स्‍वीकृत पदों के अनुरूप पदस्‍थापना सुनि‍श्‍चि‍त करना 02/08/2010 

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शिक्षा का व्यापारीकरण:- सियाराम पटेल

शिक्षा का व्यापारीकरणव्यापारीकरण, व्यवसायीकरण तथा निजीकरण ने शिक्षा क्षेत्र को अपनी जकड़ में ले लिया है। मण्डी में शिक्षा क्रय-विक्रय की वस्तु बनती जा रही है। इसे बाजार में निश्चित शुल्क से अधिक धन (Capitationfee) देकर खरीदा जा सकता है। परिणामत: शिक्षा में एक भिन्न प्रकार की जाति प्रथा जन्म ले रही है जो धन के आधार पर आई.आई.टी, एम.बी.ए., सी.ए. एम.बी.बी.एस आदि उपाधियों के लिये प्रवेश पा कर उच्च भावना से ग्रस्त ओैर धनाभाव के कारण प्रवेश से वंचित हीनभावना से ग्रस्त रहते है। दोनो ही श्रेणियों के छात्र ग्रस्त है। असमानता की खाई बढ़ रही है। सामाजिक असंतुलन और विषमता इस का ही परिणाम है।सामाजिक विज्ञान तथा मानविकी विषयों की उपेक्षा करना देश की उन्नति कें लिए हानिकारक है, और साथ ही इस दृष्टि से शोध को भी दुर्लक्ष करना और भी घातक है। पारम्परिक ज्ञान की ओर ध्यान न देना और शिक्षा को बाजारीकरण की शक्तियों के आधीन करना देश के लिए खतरनाक है।बाजारवादी नुस्खों में कई निहितार्थ छिपे है। एक तो यह सरकार ने मान लिया है कि देश के सभी बच्चों को शिक्षित करने का काम उसी का नहीं है। शिक्षा को बाजार का उन्मुक्त स्वरुप देने में क्रय-विक्रय की क्षमता रखने वाले छात्रों के लिए गुणवत्ताापूर्ण शिक्षा मिलेगी। शेष के लिए नहीं।शिक्षा के अधिकार पर धन और बल का अधिकार रहेगा, भेदभा।  बढ़ेगा। स्पष्ट है निजीकरण के माध्यम से कभी भी शिक्षा के लक्ष्य  को प्राप्त नहीं किया जा सकता। कोचिंग के बाजार में कई घटिया, गैरमान्यता प्राप्त, फर्जी शिक्षा की  दुकानें खुलती जा रही हैं। इन सबको रोकना बहुत बड़ी चुनौती है। देश में 125 डीम्ड विश्वविद्यालय हैं,  इनके 102।  निजी स्वामित्व वाले संस्थान है।   इन्होंने उच्च शिक्षा को मुनाफे का धन्धा बना दिया है। आन्धप्रदेश में 600 से अधिक निजी  इन्जीनियरिंग महाविद्यालय, कर्नाटक में यह संख्या 170 है, उड़ीसा में 81, राजस्थान में 80 है। इस परिदृश्य से जो स्थिति  उपस्थित हुई, इस कारण आर्थिक व सामाजिक आधार पर भी शिक्षा विभाजित हुई है।
शिक्षा पर मुनाफा कमाने पर रोक, धनवान तथा आर्थिक दृष्टि से पिछड़े सभी छात्रों के लिए अच्छी शिक्षा दिलाने का संकल्प, शिक्षा  इन सबको स्वीकार करे। राजनीति की चेरी बने रहने से इसे छुटकारा मिले। देशभक्ति, स्वास्थ्य-संरक्षण, सामाजिक संवदेनशीलता तथा आध्यात्मिक यह शिक्षा के भव्य भवन के चार स्तम्भ हैं।  इनको राष्ट्रीय शिक्षा की नीति में घोषित कर, स्वायत्ता शिक्षा को संवैधानिक स्वरुप प्रदान करना चाहिए। इन  सब उपायों से शिक्षा की चुनौतियों का मुकाबला किया जा सकता है। शिक्षा बाजार नहीं अपितु मानव मन को तैयार करने का उदात्ता  सांचा है। जितनी जल्दी हम इस तथ्य को समझेंगे उतना ही शिक्षा का भला होगा।  
सियाराम पटेल                         

लेखक राज्य अध्यापक संघ की आई टी सेल के सदस्य है ,और नरसिहपुर  जिले  में कार्यरत है ।यह लेखक के निजी विचार है ।                           

राज्य अध्यापक संघ मंडला की पहल नविन पेंशन प्रणाली के मिसिंग कटोत्रे का होगा समायोजन

मंडला :- अध्यापकों के लिये 1 अप्रैल 2011 से अंशदायी पेंशन योजना लागू है लेकिन योजना में कई विसंगतियों के चलते अध्यापकों को बड़ी आर्थिक क्षति झेलनी पड़ रही है। कई अध्यापकों के  खाते से कर्मचारी का अंशदान तो कट गया पर एन एस डी एल में जमा नहीं हुआ , कई अध्यापकों के प्रान नम्बर विलम्ब से जारी हुये जिसके कारण अंशदायी पेंशन योजना का लाभ नहीं मिलां। कई डीडीओ जानकारी के अभाव में गलत हेड से कटौती करते रहे जिसके कारण अध्यापकों को आर्थिक क्षति हुई है। 



उक्त विसंगतियों के मद्देनजर राज्य अध्यापक संघ की जिला इकाई ने आयुक्त आदिवासी विकास भोपाल द्वारा उपरोक्त कारणों से हुई मिसिंग अंशदान के समायोजन के लिये 4 अप्रैल 2015 को आदेश जारी किया गया है ,लेकिन आहरण संवितरण अधिकारियों की उदासीनता के चलते एक भी अध्यापक के मिसिंग अंशदान का समायोजन नहीं हुआ। मिसिंग कटौती के समायोजन के लिए  कुछ डीडीओ ने कोषालय में देयक प्रस्तुत किये तो कोषालय ने यह कहकर देयक लौटा दिये कि अध्यापकों का कटौत्रा कोषालय से नहीं होता। 

राज्य अध्यापक संघ की जिला इकाई ने इस समस्या के निराकरण हेतु सर्वप्रथम सहायक आयुक्त डाॅ संतोष शुक्ला से चर्चा कर सभी डीडीओ के लिये सख्त निर्देश जारी करवाये कि वे अध्यापकों के मिसिंग अंशदान के देयक 10 दिवस के अंदर कोषालय में प्रस्तुत करें। अध्यापकों के प्रतिनिधि मण्डल ने जिला कोषालय अधिकारी तेज नारायणसिंह,सहायक कोषालय अधिकारी चेतन सिंह सराफ,देवसिंह धुर्वे और उ.श्रै.लि.डी.एस. राजपूत सभी से संयुक्त चर्चा की और आयुक्त के आदेशानुसार देयक कोषालय में लिये जाने का आग्रह किया सभी अधिकारियों ने कहा कि यदि निर्देशानुसार देयक प्रस्तुत किये जायेंगें तो कोषालय उसे स्वीकार्य करेगा। प्रतिनिधि मण्डल में डी.के.सिंगौर,रवीन्द्र चैरसिया, संजीव सोनी,अमरसिंह चंदेला,विनोद गोयल,मंशाराम झारिया,चंद्रशेखर तिवारी,सुनील नामदेव आदि उपस्थित थे। जिला कोषालय में इस संबद्ध में जल्द ही आदेश जारी किये जा रहे है। 


नोट :-  मिसिंग कटौती का समायोजन करवाने के लिए अध्यापकों को स्वय  पहल करनी होगी ,जो इस विसंगति से प्रभावित हुए है। मिसिंग कटोत्रा में दो स्थिति , मान्य की गयी है।  पहली , अध्यापक संवर्ग में आने के बाद से अध्यापक के अंशदान का कटोत्रा नहीं होना। दूसरी , आप का अंशदान तो कटा लेकिन सरकारी जानकारी के अनुसार आप का पैसा नहीं कटा ।  पहली  स्थिति के लिए अध्यापक को अपनि जानकारी DDO को देनी होगी दूसरी के लिए आप का पुराना  पैसा एक साथ कटेगा और सरकार भी पैसा एक साथ जमा करेगी। 


विद्यालयो में स्वीकृ पद संरचना अनुसार पदस्थापना करने के सम्ब्न्ध में समस्त आदेश

विद्यालयो में स्वीकृत  पद संरचना अनुसार पदस्थापना करने के सम्ब्न्ध में समस्त आदेश
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1 पदसंरचना अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने बाबत 22/05/2010

2शालाओं में स्‍वीकृत पदों के अनुरूप पदस्‍थापना सुनि‍श्‍चि‍त करना 02/08/2010

3 हाई स्कुल ,हायर सेकेंडरी में नविन पद संरचना अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने बाबत 11/03/2013

4 भाषा शिक्षक की पदस्थापना करने बाबद दिनाक 13/03/2013

5 पदसंरचना अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने बाबत 08/09/2014

भाषा शिक्षक की पदस्थापना करने बाबद दिनाक 13/03/2013

भाषा शिक्षक की पदस्थापना करने बाबद दिनाक 13/03/2013 

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Tuesday, April 19, 2016

हाई स्कुल ,हायर सेकेंडरी में नविन पद संरचना अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने बाबत 11/03/2013

हाई स्कुल ,हायर सेकेंडरी में नविन पद संरचना  अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने बाबत 11/03/2013 

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पदसंरचना अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने बाबत 08/09/2014


 पदसंरचना अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने बाबत 08/09/2014

आदेश के लिए यंह लिंक ओपन क़रे


पदसंरचना अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने बाबत 22/05/2010

पदसंरचना अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने बाबत 22/05/2010
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अध्‍यापकों के वि‍रूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करने बावत् 18/09/2015


हड़ताली अध्‍यापकों के वि‍रूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करने बावत्  18 /09/2015 


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हड़ताली अध्‍यापकों के वि‍रूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करने बावत् 24 /09/2015


हड़ताली अध्‍यापकों के वि‍रूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करने बावत् 24 /09/2015 


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अध्यापक संवर्ग में पदोन्नति के लिए अब तक जारी समस्त शासनादेश ,पत्र और मार्गदर्शन

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1 
अध्‍यापक संवर्ग की वरि‍ष्‍ठता सूची का संधारण एवं पदोन्‍नि‍त के संबंध में जारी DPI का आदेश दिनाक 02 /01 /2010


2 अध्‍यापक संवर्ग में पदोन्नति की समीक्षा के लिए 05/08/2010
3 अध्‍यापक संवर्ग की विषयवार वरि‍ष्‍ठता सूची का संधारण करने के संबंध में 13/07/2011

4 नगरीय निकायों में अध्‍यापक संवर्ग की पदोन्नति /क्रमोन्नति करने बाबद DPI का आदेश दिनांक 01/01/2013

5 अध्‍यापक संवर्ग में संवि‍दा शाला शि‍क्षकों को नि‍युक्‍ति‍  दि‍नांक से वरि‍ष्‍ठता देने के संबंध में । (पंचायत एवं ग्रामीण वि‍कास वि‍भाग) 20/02/2013

6 अध्‍यापक संवर्ग में संवि‍दा शाला शि‍क्षकों को नि‍युक्‍ति‍ दि‍नांक से वरि‍ष्‍ठता देने के संबंध में । (नगरीय प्रशासन एवं वि‍कास वि‍भाग) 20/02/2013
7 अध्‍यापक संवर्ग की पदोन्‍नति हेतु वरि‍ष्‍ठता सूची के निर्धारण के संबंध में DPI का मार्गदर्शन दिनांक 26/03/2014
8 अध्यापक संवर्ग मैं पदोन्नति के लिये आयुक्त आदिवासी विकास का मार्गदर्शन ( DPI के पत्र का पृष्ठांकन ) 26/09/2015

अध्‍यापक संवर्ग में संवि‍दा शाला शि‍क्षकों को नि‍युक्‍ति‍ दि‍नांक से वरि‍ष्‍ठता नगरीय 20/02/2013

अध्‍यापक संवर्ग में संवि‍दा शाला शि‍क्षकों को नि‍युक्‍ति‍ दि‍नांक से वरि‍ष्‍ठता देने के संबंध में । (नगरीय प्रशासन एवं वि‍कास वि‍भाग) 20/02/2013
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अध्‍यापक संवर्ग में संवि‍दा शाला शि‍क्षकों को नि‍युक्‍ति‍ दि‍नांक से वरि‍ष्‍ठता पंचायत 20/02/2013

अध्‍यापक संवर्ग में संवि‍दा शाला शि‍क्षकों को नि‍युक्‍ति‍ दि‍नांक से वरि‍ष्‍ठता देने के संबंध में । (पंचायत एवं ग्रामीण वि‍कास वि‍भाग) 20/02/2013
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अध्यापक संवर्ग मैं पदोन्नति के लिये मार्गदर्शन 26/09/2015

अध्यापक संवर्ग मैं पदोन्नति के लिये आयुक्त आदिवासी विकास का मार्गदर्शन ( DPI के पत्र का पृष्ठांकन  ) 26/09/2015
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अध्‍यापक संवर्ग की पदोन्‍नति हेतु वरि‍ष्‍ठता सूची के निर्धारण के संबंध में मार्गदर्शन 26/03/2014

अध्‍यापक संवर्ग की पदोन्‍नति हेतु वरि‍ष्‍ठता सूची के निर्धारण के संबंध में DPI का मार्गदर्शन दिनांक 26/03/2014 

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नगरीय निकायों में अध्‍यापक संवर्ग की पदोन्नति 01/01/2013

नगरीय निकायों में अध्‍यापक संवर्ग की  पदोन्नति /क्रमोन्नति करने  बाबद  DPI का आदेश दिनांक 01/01/2013

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अध्‍यापक संवर्ग में पदोन्नति की समीक्षा के लिए 05/08/2010

अध्‍यापक संवर्ग में पदोन्नति  की समीक्षा के लिए जारी आदेश 05/08/2010

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अध्‍यापक संवर्ग की विषयवार वरि‍ष्‍ठता सूची का संधारण करने के संबंध में 13/07/2011

अध्‍यापक संवर्ग की  विषयवार वरि‍ष्‍ठता सूची का संधारण करने के संबंध में 13/07/2011 जारी DPI का  आदेश  आदेश प्राप्त करने के लिए 

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अध्‍यापक संवर्ग की वरि‍ष्‍ठता सूची का संधारण एवं पदोन्‍नि‍त के संबंध में जारी DPI का आदेश दिनाक 02 /01 /2010





अध्‍यापक संवर्ग की वरि‍ष्‍ठता सूची का संधारण एवं पदोन्‍नि‍त के संबंध में जारी मंत्रालय का आदेश, इसमें वरिष्ठता सूचि संधारण करने और पदोन्नति की कार्यवाही कर के  के  विस्तृत निर्देश है। 

अध्‍यापक संवर्ग की वरि‍ष्‍ठता सूची का संधारण एवं पदोन्‍नि‍त के संबंध में जारी मंत्रालय का आदेश दिनाक 02 /01 /2009 ,PDF में प्राप्त करने के लिए यंहा क्लिक करें।